Jharkhand: मंगलवार सुबह पूरे रांची में छठ महापर्व का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न जलाशयों, जैसे कांके डैम, लाइन टैंक तालाब और हरमू नदी में उमड़े और उगते सूर्य को उषा अर्घ्य (प्रातःकालीन अर्घ्य) अर्पित किया, जिससे उनका 36 घंटे का उपवास पूरा हुआ।
चार दिनों का महापर्व छठ पूजा भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर संपन्न हो चुका है। अगले वर्ष की प्रतीक्षा अब इसी क्षण से शुरू हो गई है। जय छठी मइया!
आप घाट पर ठेकुआ खाए न जी?
जो नहीं खाए हैं, उन्हें कमेंट बॉक्स में मेंशन कीजिए उन्हें हम जरूर खिला देंगे! pic.twitter.com/iAUxzzG94h— Jharkhand Tourism (@VisitJharkhand) October 28, 2025
कांके डैम का वातावरण विशेष रूप से दिव्य था, जहाँ हज़ारों श्रद्धालु – बच्चे, महिलाएँ और पुरुष – कमर तक पानी में खड़े होकर पारंपरिक छठ गीत गा रहे थे और भगवान सूर्य को फल, गन्ना और ठेकुआ चढ़ा रहे थे। शांत जल पर उगते सूरज की पहली किरणों की चमक से पूरा बांध परिसर एक आध्यात्मिक नज़ारे में बदल गया।
आस्था, विश्वास और आत्मसंयम के महापर्व छठ पूजा के संध्या अर्घ्य पर समस्त श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं।
सूर्यदेव और छठी मैया का आशीर्वाद आप सभी के जीवन में सदा सुख, शांति और उन्नति का प्रकाश फैलाए। pic.twitter.com/cX1NffToeE
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) October 27, 2025
सभी बड़े घाटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे, और भारी भीड़ को संभालने के लिए रांची पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था। अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए कांके बांध क्षेत्र के पास चिकित्सा और आपातकालीन कर्मी भी तैनात थे।
लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।
आज छठव्रती माताएं-बहनें डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगी। प्रकृति की महानता को दर्शाता छठ का हर अनुष्ठान हमें सिखाता है कि जीवन में उगते सूर्य के प्रति कृतज्ञता और अस्त होते प्रकाश के… pic.twitter.com/F0kRNG2jP1— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 27, 2025
मुख्यमंत्री सहित कई स्थानीय नेताओं ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और प्रकृति एवं सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता, पवित्रता और आत्म-अनुशासन के इस पर्व का संदेश दिया।
लोक आस्था के चारदिवसीय महापर्व छठ के अंतिम दिन आज गिरिडीह जिले के पीरटांड स्थित अपने मामा घर से दउरा लेकर छठ घाट पहुँचा और उदयीमान भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर क्षेत्रवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
छठ पर्व प्रकृति, अनुशासन और आस्था का प्रतीक है यह हमें… pic.twitter.com/SrT3CNPl1v
— ढुलू महतो (@dhullu_mahto) October 28, 2025
इस वर्ष रांची में छठ पूजा भी बिना किसी घटना के संपन्न हुई और तीर्थयात्री **कांके बांध, बड़ा तालाब और हटिया बांध** जैसे घाटों पर साफ-सुथरी और सुव्यवस्थित व्यवस्था से खुश और संतुष्ट थे।












