Jharkhand: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने कहा है कि राज्य के कुछ पुलिस अधिकारी अब कानून को अपनी निजी रंजिशें निकालने का हथियार बना रहे हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि झारखंड में कई पुलिस अधिकारी अब निजी विवादों और छोटे-छोटे झगड़ों का बदला लेने के लिए निर्दोष लोगों पर फर्ज़ी मुकदमे दर्ज कर रहे हैं।
मरांडी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि पतरातू में एक मीट दुकानदार राजेश साव को पुलिस अधिकारियों ने मुफ्त में मीट न देने पर कथित तौर पर आर्म्स एक्ट के झूठे केस में फंसा दिया और जेल भेज दिया।
उन्होंने लिखा, “पुलिस का दावा है कि युवक को रात में योजना बनाते हुए पकड़ा गया, जबकि उसकी पत्नी का कहना है कि उसे फोन कर थाने बुलाया गया था। ऐसे विरोधाभास खुद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।”
मरांडी ने इस मामले में रामगढ़ पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच करने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हेमंत सोरेन द्वारा विरोधियों पर झूठे केस लगाकर जेल भेजने की जो परंपरा शुरू हुई थी, उसे अब पुलिस अधिकारियों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा —
> “घोटाले के मामले में लगभग छह महीने जेल काट चुके हेमंत जी को शायद यह समझ आ चुका होगा कि शेर को सवा शेर जरूर मिलता है, लेकिन पुलिस अधिकारियों को अब तक यह सीख नहीं मिली है।”
मरांडी ने साथ ही माननीय उच्च न्यायालय से यह अनुरोध किया है कि पिछले छह वर्षों में झारखंड में दर्ज हुए आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट, राजद्रोह और SC/ST एक्ट के मामलों की समीक्षा की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने मामलों में निर्दोष लोगों को फर्ज़ी केस में फंसाया गया है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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