Religion News: प्रयागराज में संगम की पवित्र रेती पर लगने वाला माघ मेला दुनियाभर में अपनी आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। भारतीय सनातन परंपरा के सबसे प्राचीन और पवित्र आयोजनों में शामिल माघ मेला हर वर्ष संगम नगरी प्रयागराज में भव्य रूप से आयोजित किया जाता है।
माघ मेला वैश्विक स्तर पर चर्चित धार्मिक आयोजन है, विशेष रूप से इसके स्नान पर्व के कारण। इस अवधि में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर पवित्र डुबकी लगाने हेतु आते हैं। माना जाता है कि माघ मेला में स्नान करने से व्यक्ति को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।
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श्रद्धालुओं के साथ-साथ साधु-संत और कल्पवासी भी संगम तट पर तप, ध्यान और साधना के लिए महीनों ठहरते हैं। धार्मिक मान्यता है कि माघ मेला में सम्मिलित होकर स्नान करने से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है। इसी अवधि में कल्पवास का महत्व भी अत्यधिक बढ़ जाता है।
माघ मेला 2026 कब से कब तक?
पंचांग के अनुसार, माघ मेला की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है और यह महाशिवरात्रि तक चलता है। 2026 में माघ मेला की अवधि: 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026, इस दौरान कुल 6 प्रमुख स्नान पर्व मनाए जाएंगे, जिनमें मौनी अमावस्या का स्नान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
माघ मेला 2026 के पवित्र स्नान की तिथियां
| स्नान पर्व | तिथि | दिन |
|---|---|---|
| पौष पूर्णिमा स्नान | 3 जनवरी 2026 | शनिवार |
| मकर संक्रांति स्नान | 14 जनवरी 2026 | बुधवार |
| मौनी अमावस्या स्नान | 18 जनवरी 2026 | रविवार |
| वसंत पंचमी स्नान | 23 जनवरी 2026 | शुक्रवार |
| माघी पूर्णिमा स्नान | 1 फरवरी 2026 | रविवार |
| महाशिवरात्रि स्नान (समापन) | 15 फरवरी 2026 | रविवार |













