Ranchi News: रांची में E-Kalyan छात्रवृत्ति के भुगतान में लंबे समय से हो रही देरी के खिलाफ छात्रों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। आदिवासी छात्र संघ के नेतृत्व में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के मुख्य द्वार से कहल्यान कॉम्प्लेक्स, मोरहाबादी तक एक विशाल मार्च निकाला गया। छात्रों ने वहां पहुंचकर कल्याण कॉम्प्लेक्स का घेराव किया।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना था कि पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों-2022-23, 2023-24 और 2024-25 से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हुआ है, जो किसी प्रशासनिक भूल का परिणाम नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित उपेक्षा और राजनीतिक लापरवाही है। छात्रों ने कहा कि इस देरी की वजह से हजारों विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर अनिश्चितता में हैं।
“सब्र की सीमा खत्म हो चुकी है” – प्रदर्शनकारी छात्र
छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की राजनीतिक असंवेदनशीलता ने गरीब, आदिवासी और वंचित समुदायों के छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। उनका कहना है कि E-Kalyan छात्रवृत्ति कई छात्रों के लिए “शिक्षा की जीवनरेखा” है, जिसे रोके जाने से गंभीर संकट पैदा हो गया है।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन होगा तेज
आंदोलन का नेतृत्व आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव ने किया। उन्होंने सरकार को 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर ठोस घोषणा नहीं की जाती, तो आंदोलन को जिला, प्रखंड और राज्य स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंदोलन के बढ़ने की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
Read more- Jharkhand में बढ़ी ठंड, कई जिलों में तापमान लुढ़का; शीतलहर की चेतावनी जारी










