धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी स्थापना दिवस समारोह में उद्योगपति गौतम अडानी का दूरदर्शी संदेश पूरे कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बना। पेनमैन प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी क्षमता से तय होगी।
अडानी ने स्पष्ट कहा— “भारत अब अपनी कहानी किसी और से नहीं लिखवाएगा। हम अपनी विकास गाथा स्वयं लिखेंगे।”
उनका यह बयान वैश्विक स्तर पर “वृत्तांत उपनिवेशीकरण” यानी कथानक थोपने की प्रवृत्ति पर सीधा संकेत माना गया।
संस्थान को मिली बड़ी सौगातें
अडानी समूह की ओर से छात्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं—
- 50 वार्षिक वेतनयुक्त प्रशिक्षण
- पूर्व–नियोजन प्रस्ताव (PPO)
- अडानी त्रि–एस खनन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
यह केंद्र टेक्समिन (खनन प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ) के सहयोग से तैयार किया जाएगा। अडानी ने टेक्समिन भवन में इस नए उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन भी किया।
सौ साल की गौरव यात्रा का उत्सव
शताब्दी फाउंडेशन सप्ताह के समापन पर आयोजित इस समारोह में संस्थान की 100 वर्षों की उपलब्धियों को फिल्म, प्रदर्शनी, विमर्श श्रृंखला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पूर्व छात्र संवाद के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने सप्ताह का उद्घाटन किया था।
नेतृत्व का संदेश
शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. प्रेम व्रत और निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि आईआईटी धनबाद की सौ वर्ष की यात्रा राष्ट्र निर्माण की मजबूत धुरी रही है।
इस अवसर पर शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
शताब्दी वर्ष का यह मंच तकनीक, नवाचार और राष्ट्रीय विकास के अगले सौ वर्षों की नई दिशा तय करता दिखा।












