भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को राज्यसभा में G RAM G (गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) विधेयक के समर्थन में जोरदार भाषण दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक को गांव, गरीब और किसानों के लिए ऐतिहासिक बताया।
आदित्य साहू ने कहा कि यह नई योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके तहत मजदूरों को अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा और योजनाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
मनरेगा पर उठाए सवाल
सांसद साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 2007 में शुरू हुई मनरेगा योजना अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो सकी और यह भ्रष्टाचार का माध्यम बन गई। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मजदूरों को काम देने की बजाय मशीनों से काम कराया गया और फर्जी निकासी आम बात हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक राशि दलाल और बिचौलिए हड़प लेते हैं।
नई योजना में पारदर्शिता पर जोर
उन्होंने बताया कि G RAM G योजना में लूट और भ्रष्टाचार रोकने के लिए जीपीएस, मोबाइल तकनीक और एआई आधारित निगरानी का प्रावधान है। हर पंचायत में साल में दो बार ऑडिट होगा और योजनाओं की पूरी जानकारी आम जनता को मिलेगी। साथ ही मजदूरी का साप्ताहिक भुगतान किया जाएगा।
कांग्रेस पर तीखा हमला
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को राम और हिंदुत्व से चिढ़ है। उन्होंने कहा कि राम भारत की आत्मा और पहचान हैं और भाजपा सरकार ने रामलला को टेंट से निकालकर भव्य मंदिर में विराजमान किया।
गांव, गरीब और किसान को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबी और ग्रामीण जीवन को नजदीक से देखा है, इसलिए उनकी नीतियां जमीन से जुड़ी हैं। नई योजना से गांवों में उत्साह है और गरीब, किसान व मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
125 दिन रोजगार सिर्फ नाम बदलना नहीं
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए साहू ने कहा कि 125 दिन का रोजगार, डिजिटल पारदर्शिता और साप्ताहिक भुगतान को केवल नाम बदलना कहना गलत है। गांव की जनता सब समझती है और यही कारण है कि देश कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ रहा है।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि यह विधेयक ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।












