नई दिल्ली: उन्नाव रेप कांड में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सेंगर की सजा को सस्पेंड करते हुए उन्हें 15 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और तीन जमानतों पर रिहा करने का आदेश दिया है।
हालांकि, अदालत ने कड़ी शर्त लगाते हुए कहा है कि सेंगर पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं जा सकेगा। यह राहत सेंगर की ओर से दायर अपील के निपटारे तक प्रभावी रहेगी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर में एक बार फिर उन्नाव रेप केस को लेकर बहस तेज हो गई है। यह मामला पहले ही देश की राजनीति और न्याय व्यवस्था में बड़े सवाल खड़े कर चुका है।
क्यों है यह फैसला अहम?
- कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए जा चुके हैं।
- उन्हें निचली अदालत से उम्रकैद की सजा मिली थी।
- अब हाईकोर्ट ने अपील लंबित रहने तक सजा पर रोक लगा दी है।
- पीड़िता की सुरक्षा को देखते हुए इलाके में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
आगे क्या?
हाईकोर्ट में सेंगर की अपील पर सुनवाई जारी रहेगी। अंतिम फैसले तक उनकी रिहाई सशर्त रहेगी।












