Tarique Rahman Return Bangladesh: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान लगभग 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद स्वदेश लौट आए हैं। उनकी वापसी ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि आगामी आम चुनावों को लेकर अटकलें भी तेज कर दी हैं।
Read More- Jharkhand News: रांची में हॉकी का ग्लैमरस आगाज: मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर बिखेरेंगी जलवा
Tarique Rahman Return Bangladesh: करीब एक लाख समर्थक स्वागत को उमड़े
ढाका एयरपोर्ट के आसपास का इलाका उस समय जनसमूह में बदल गया, जब BNP के करीब एक लाख समर्थक अपने नेता के स्वागत के लिए जुटे। नारे, झंडे और उत्साह से भरे इस दृश्य को पार्टी की शक्ति-प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान की यह वापसी ऐसे समय में हुई है, जब देश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं और अवामी लीग के चुनावी मैदान से बाहर होने के बाद BNP को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
लंदन में लंबे समय तक निर्वासन झेलने वाले तारिक रहमान ने अपनी मातृभूमि पर कदम रखते ही भावनात्मक संकेत दिए। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय उन्होंने जूते उतारकर जमीन को नंगे पैर छुआ और मिट्टी को हाथ में लेकर श्रद्धा भाव प्रकट किया। यह दृश्य समर्थकों के बीच गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
रास्ते में वे एक बस के आगे खड़े होकर लगातार हाथ हिलाते रहे। 300 फीट रोड तक का सफर, जो सामान्यतः कुछ ही मिनटों का होता है, समर्थकों की भारी भीड़ के कारण दो घंटे से अधिक समय में पूरा हुआ। हर तरफ “तारिक जिया” के नारों से माहौल गूंजता रहा।
Tarique Rahman Return Bangladesh: वापसी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू
इस बीच तारिक रहमान ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने बांग्लादेश की धरती पर लौटने को भावुक क्षण बताते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं, जिससे समर्थकों में और उत्साह देखने को मिला।
हालांकि, उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। अवामी लीग से जुड़े छात्र संगठन ने इसे देश के लिए अस्थिरता का संकेत बताया है। संगठन के नेताओं का कहना है कि तारिक रहमान की वापसी निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय सत्ता केंद्रित राजनीति को बढ़ावा दे सकती है।
Read More- जल-जंगल-जमीन का असली रक्षक पेसा, क्यों हो रही थी वर्षों से मांग-जानिए क्या है PESA कानून
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खालिदा जिया की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए तारिक रहमान को भविष्य के नेतृत्व के रूप में पेश किया जा सकता है। आने वाले चुनावों में उनकी भूमिका बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।













