Rehan Vadra Engagement News: नेहरू-गांधी परिवार से जुड़ा नाम आते ही अक्सर राजनीति, सत्ता और चुनावी गलियारों की चर्चा शुरू हो जाती है। लेकिन प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा (Raihan Vadra) इन दिनों किसी राजनीतिक बयान या चुनावी रणनीति की वजह से नहीं, बल्कि अपनी सगाई की खबरों और कला की दुनिया में बढ़ती पहचान के कारण सुर्खियों में हैं। रेहान ने अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर और मशहूर विजुअल आर्टिस्ट अवीवा बेग (Aviva Baig) के साथ जीवन की नई शुरुआत करने का फैसला किया है।
हालांकि, रेहान वाड्रा को सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक परिवार का सदस्य मानना उनकी पहचान को सीमित करना होगा। उनकी आधिकारिक वेबसाइट raihanrvadra.com और अब तक के काम पर नजर डालें तो साफ होता है कि उन्होंने सत्ता के मंच की बजाय कैमरे के लेंस और कला की अभिव्यक्ति को अपनी आवाज बनाया है।
राजनीति से दूरी, कला से गहरी दोस्ती
देहरादून के प्रतिष्ठित द दून स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद रेहान ने लंदन की SOAS यूनिवर्सिटी से राजनीति में उच्च शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई भले ही राजनीति की रही हो, लेकिन उनका झुकाव हमेशा से मानवीय संवेदनाओं, स्मृतियों और अनुभवों को दृश्य रूप देने की ओर रहा।
रेहान के इंटरव्यू और उनके आर्ट वर्क यह संकेत देते हैं कि वे सत्ता की राजनीति से अधिक मानव मन और समाज की आंतरिक राजनीति को समझने में रुचि रखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने खुद को एक स्वतंत्र कलाकार और फोटोग्राफर के रूप में स्थापित किया।
महज 10 साल की उम्र से कैमरे से रिश्ता
रेहान वाड्रा खुद को एक Self-taught Photographer मानते हैं। बताया जाता है कि उनका फोटोग्राफी का सफर महज 10 साल की उम्र में शुरू हो गया था। शुरुआती दौर में उन्होंने वाइल्डलाइफ और स्ट्रीट फोटोग्राफी में हाथ आजमाया। बाद में कमर्शियल फोटोग्राफी भी उनके अनुभव का हिस्सा बनी।
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लेकिन रेहान की असली पहचान बनी उनकी Immersive Art Installations, जहां वे तस्वीरों को सिर्फ देखने की चीज नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव बना देते हैं।
तीन बड़ी एग्जीबिशन, गहरे दार्शनिक सवाल
अब तक रेहान वाड्रा अपनी कला की दुनिया में तीन अहम प्रदर्शनियां (Exhibitions) लगा चुके हैं, जो उन्हें एक गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाले कलाकार के रूप में स्थापित करती हैं।
- Dark Perception (2021):
उनकी पहली प्रदर्शनी ‘डार्क परसेप्शन’ अंधेरे, भय और नियंत्रण जैसे विचारों पर केंद्रित थी। इसमें उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि इंसान किस तरह मानसिक और सामाजिक दबावों से घिरा रहता है। - Anumaan (2022):
यह प्रदर्शनी ‘पसंद, विकल्प और स्वतंत्रता’ के दर्शन पर आधारित थी। इसमें दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर किया गया कि क्या हमारे फैसले वाकई हमारे अपने होते हैं या परिस्थितियों द्वारा तय किए जाते हैं। - Upmana (2024):
‘उपमाना’ में रेहान ने धातु और दर्पण की तस्वीरों के जरिए मानवीय स्वभाव में मौजूद तुलना, प्रतिस्पर्धा और आत्म-मूल्यांकन के भाव को सामने रखा।
‘You Cannot Miss This’ आर्ट कलेक्टिव
रेहान सिर्फ कलाकार ही नहीं, बल्कि एक क्यूरेटर और मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं। उन्होंने ‘You Cannot Miss This’ नाम से एक स्वतंत्र आर्ट कलेक्टिव की सह-स्थापना की है। इसका उद्देश्य उभरते कलाकारों को ऐसा मंच देना है, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी कला को सामने ला सकें।
खास बात यह है कि Aviva Baig ने भी इसी कलेक्टिव के तहत अपने काम का प्रदर्शन किया है, जिससे दोनों के बीच की रचनात्मक साझेदारी और मजबूत हुई।
Aviva Baig और Rehan Vadra: कला का अनोखा संगम
रेहान और अवीवा के रिश्ते की सबसे बड़ी कड़ी कला ही है। अवीवा बेग जहां अपने कैमरे से साधारण जीवन की सादगी और मानवीय पल कैद करती हैं, वहीं रेहान जटिल दार्शनिक विचारों और भावनाओं को दृश्य रूप देते हैं।
अब यह कलात्मक जोड़ी निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रही है। उनकी सगाई की खबरों ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों, बल्कि आर्ट और कल्चर की दुनिया में भी दिलचस्पी बढ़ा दी है।
एक अलग रास्ता, एक अलग पहचान
रेहान वाड्रा आज उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो विरासत में मिली पहचान से आगे जाकर अपनी खुद की राह बनाना चाहती है। राजनीति से दूरी बनाकर उन्होंने यह साबित किया है कि नेहरू-गांधी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद पहचान का रास्ता सिर्फ सत्ता से नहीं, संवेदनाओं और सृजनशीलता से भी गुजर सकता है।
अवीवा बेग के साथ उनकी नई पारी अब न सिर्फ एक निजी कहानी है, बल्कि कला और जीवन के संगम की एक नई मिसाल भी बनती दिख रही है।













