Jharkhand Politics: झारखंड में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मरांडी के बयान में राजनीतिक कटाक्ष के साथ-साथ गहरी नाराजगी भी साफ झलकती है।
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Jharkhand Politics: “जंगल राज” चलाने वालों की सूची में सबसे ऊपर आना चाहते हैं सीएम
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डीजीपी की नियुक्ति से यह संदेश गया है कि मुख्यमंत्री के लिए नियम, कानून, संविधान और न्यायालय की कोई अहमियत नहीं रह गई है। उन्होंने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री को उनके फैसले के लिए “बधाई” दी और कहा कि इस निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि सरकार संवैधानिक मर्यादाओं को नजरअंदाज कर रही है।
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उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री इतिहास में “जंगल राज” चलाने वालों की सूची में सबसे ऊपर आना चाहते हैं, तो उन्हें अपने फैसलों में और भी खुलापन दिखाना चाहिए। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मरांडी ने कहा कि कानून और न्यायपालिका की अनदेखी भले ही की जाए, लेकिन ईश्वर से डरना जरूरी है, क्योंकि न्याय देर से सही, लेकिन होता जरूर है।
बाबूलाल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं
नेता प्रतिपक्ष ने अपने बयान में आध्यात्मिक संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि ईश्वर की लाठी की आवाज भले ही सुनाई न दे, लेकिन उसका असर गहरा होता है। यह टिप्पणी उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को चेतावनी के तौर पर कही।
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वर्ष के अंतिम दिन दिए गए इस बयान को मरांडी ने एक “सांकेतिक प्रहार” बताया। साथ ही उन्होंने राज्यवासियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला साल नए संघर्षों और नई राजनीतिक लड़ाइयों का साल होगा। उनके इस बयान से साफ है कि झारखंड की राजनीति में नए साल की शुरुआत भी तीखे आरोप-प्रत्यारोप के साथ होने वाली है।












