Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की तलाश में अब झारखंड के एक बड़े गैंगस्टर की एंट्री हो चुकी है। बच्चों के गायब होने के 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, वहीं अब यह मामला अपराध की दुनिया तक पहुंच गया है, जिससे हड़कंप मच गया है।
गैंगस्टर ने जारी किया पोस्टर, इनाम का ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टर राहुल सिंह उर्फ आज़ाद सरकार गैंग ने इस मामले में खुलकर दखल दिया है। सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें साझा करते हुए गैंग की ओर से तत्काल अपील जारी की गई है। पोस्टर में दावा किया गया है कि बच्चों की जानकारी देने वाले को 2 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
पोस्टर में यह भी कहा गया है कि देशभर के थानों को अलर्ट किया गया है और गैंग के लोग अपने स्तर से बच्चों की तलाश में जुट गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस भी सतर्क
गैंगस्टर की इस एंट्री के बाद पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। हालांकि पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
जनआक्रोश के बीच आया नया मोड़
रविवार को धुर्वा इलाके में पूर्ण बंद, टायर जलाकर सड़क जाम और मशाल जुलूस के बाद अब गैंगस्टर की एंट्री से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय लोगों में जहां बच्चों को लेकर बेचैनी है, वहीं अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर 10 दिन बाद भी मासूमों का सुराग क्यों नहीं मिला।
पुलिस का दावा – हर एंगल से जांच
रांची पुलिस पहले ही 40 सदस्यीय SIT का गठन कर चुकी है। सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया है कि हर एंगल से जांच की जा रही है, चाहे वह मानव तस्करी हो, आपराधिक गिरोह या कोई अन्य साजिश। पुलिस का कहना है कि गैंगस्टर द्वारा जारी पोस्टर की भी जांच की जा रही है।
बढ़ता दबाव, बढ़ती चिंता
एक ओर पुलिस ने इनाम बढ़ाकर कुल 4 लाख रुपये कर दिया है, दूसरी ओर अपराध जगत की एंट्री ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। सवाल यही है—
क्या यह दबाव बच्चों की बरामदगी में मदद करेगा या मामले को और उलझाएगा?
फिलहाल अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी का इंतजार पूरा झारखंड कर रहा है।













