Tuesday, January 20, 2026
Khabar Mantra
  • E- Paper
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची
  • करियर
  • क्राइम
  • News Scoop
  • टेक्नोलॉजी
  • बिहार
  • बॉलीवुड
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
  • स्पोर्ट्स
  • धर्म-अध्याय
  • लोकल न्यूज़
  • राष्ट्रीय न्यूज़
  • E-Paper
Khabar Mantra

झारखंड में बच्चे लापता क्यों हो रहे हैं?— आंकड़े, गिरोह और पुलिस की कार्रवाई, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

हर दरवाज़े पर इंतज़ार, हर मां के मन में डर, झारखंड में बच्चों का घर से बाहर निकलना अब सामान्य बात नहीं रह गई है। स्कूल जाने या खेलने निकले बच्चों के सुरक्षित लौटने को लेकर माता-पिता के मन में एक अनकहा डर बैठता जा रहा है।

January 19, 2026
in झारखंड
A A
Why are children going missing in Jharkhand?—Statistics, gangs, and police action

Why are children going missing in Jharkhand?—Statistics, gangs, and police action

Share on FacebookShare on Twitter

Ranchi: झारखंड में बच्चों का घर से बाहर निकलना अब सामान्य बात नहीं रह गई है। स्कूल जाने या खेलने निकले बच्चों के सुरक्षित लौटने को लेकर माता-पिता के मन में एक अनकहा डर बैठता जा रहा है। शाम ढलते ही कई घरों में मां दरवाज़े पर खड़ी होकर हर आहट को सुनती है, यह सोचते हुए कि कहीं कुछ गलत तो नहीं हो गया। बीते कुछ वर्षों में राज्य के अलग-अलग इलाकों से बच्चों के लापता होने की घटनाएं इस चिंता को और गहरा करती हैं।

धुर्वा से लापता अंश-अंशिका: एक केस जिसने पूरे राज्य को चौंकाया

राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से चार वर्षीय अंश कुमार और उसकी बहन अंशिका कुमारी के अचानक लापता होने की घटना ने पूरे झारखंड का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह मामला सिर्फ एक परिवार की चिंता नहीं रहा, बल्कि इसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर मौजूदा व्यवस्था कितनी सतर्क है। राहत की बात यह रही कि रांची पुलिस ने दोनों मासूमों को सुरक्षित बरामद कर लिया और इसी दौरान एक संगठित बच्चा चोरी गिरोह का भी खुलासा हुआ।

आंकड़े जो बेचैन करते हैं: हर साल सैकड़ों बच्चे गायब

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में बच्चों के लापता होने की समस्या लंबे समय से मौजूद है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014 से 2018 के बीच राज्य में 4,546 बच्चे लापता हुए, जिनमें से बड़ी संख्या आज भी अपने घर नहीं लौट पाई है। वहीं 2015 से 2025 के बीच 4,000 से अधिक बच्चों के गायब होने की जानकारी सामने आई है। ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह समस्या किसी एक जिले या एक साल तक सीमित नहीं है।

Related Post

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection

January 20, 2026
Jharkhand News: सिल्ली के एक स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, मची अफरा-तफरी

Jharkhand News: सिल्ली के एक स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, मची अफरा-तफरी

January 20, 2026
Jharkhand News: राज्य के एक हजार अभ्यर्थियों को जल्द ही मिलेगी सरकारी नौकरी JSSC

Jharkhand News: राज्य के एक हजार अभ्यर्थियों को जल्द ही मिलेगी सरकारी नौकरी, इस दिन दिया जाएगा नियुक्ति पत्र

January 20, 2026
Jharkhand News: दावोस में CM हेमंत सोरेन ने टाटा स्टील के साथ की अहम बैठक

Jharkhand News: दावोस में CM हेमंत सोरेन ने टाटा स्टील के साथ की अहम बैठक, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात-चीत!

January 20, 2026

Read More: रांची में गुलगुलिया गैंग का बड़ा खुलासा: 12 बच्चे बरामद, गिरोह के 13 सदस्य गिरफ्तार

गुलगुलिया गैंग का खुलासा: भरोसे की आड़ में बच्चों का जाल

अंश और अंशिका की बरामदगी के दौरान रांची पुलिस ने जिस गुलगुलिया गैंग का पर्दाफाश किया, उसने बच्चा चोरी के तरीके को उजागर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई वर्षों से सक्रिय था और सामाजिक भरोसे का फायदा उठाकर बच्चों को अपने साथ ले जाता था। महिलाओं की भूमिका इस गिरोह में अहम थी, जिससे आम लोगों को शक नहीं होता था। बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बहलाकर ले जाया जाता और फिर उन्हें दूसरे जिलों या राज्यों में पहुंचा दिया जाता था।

क्यों निशाने पर रहते हैं गरीब और असुरक्षित परिवारों के बच्चे

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह उन इलाकों को प्राथमिकता देता था, जहां आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा ज्यादा थी। झुग्गी-बस्तियों, आदिवासी गांवों और मजदूर परिवारों के बच्चे इनके लिए आसान शिकार बनते थे। कामकाज में व्यस्त माता-पिता और बच्चों की सीमित निगरानी इस खतरे को और बढ़ा देती थी। इसी वजह से कई मामलों में बच्चों के लापता होने का पता देर से चलता है।

पुलिस की सक्रियता से मिली राहत, कई मामलों में सफलता

हाल के मामलों में पुलिस की भूमिका पूरी तरह निष्क्रिय नहीं रही है। धुर्वा केस में त्वरित कार्रवाई के अलावा 61 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को कोडरमा से सकुशल बरामद किया जाना पुलिस की लगातार कोशिशों का नतीजा माना जा रहा है। इन मामलों में विशेष जांच टीम (SIT) और विभिन्न जिलों की पुलिस के बीच समन्वय ने अहम भूमिका निभाई।

बरामद बच्चों के लिए आगे की प्रक्रिया और चुनौती

फिलहाल बरामद किए गए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। उनके असली परिजनों की पहचान के लिए पुलिस, CID, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और केंद्र सरकार की वात्सल्य वेबसाइट की मदद ली जा रही है। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी, ताकि बच्चों को सही परिवार तक पहुंचाया जा सके।

आगे की राह: चिंता के साथ उम्मीद भी

बच्चों के लापता होने की घटनाएं भले ही चिंता बढ़ाती हों, लेकिन हालिया मामलों में पुलिस की सक्रियता यह संकेत भी देती है कि सही दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह निगरानी और समन्वय को और मजबूत किया जाए, तो इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

आज भले ही कुछ बच्चे सुरक्षित लौट आए हों, लेकिन राज्य में अब भी कई परिवार अपने बच्चों की राह देख रहे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में झारखंड बच्चों के लिए और ज्यादा सुरक्षित बन पाएगा?

 

Related Posts

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection
झारखंड

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection

January 20, 2026
Jharkhand News: सिल्ली के एक स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, मची अफरा-तफरी
झारखंड

Jharkhand News: सिल्ली के एक स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, मची अफरा-तफरी

January 20, 2026
Jharkhand News: राज्य के एक हजार अभ्यर्थियों को जल्द ही मिलेगी सरकारी नौकरी JSSC
झारखंड

Jharkhand News: राज्य के एक हजार अभ्यर्थियों को जल्द ही मिलेगी सरकारी नौकरी, इस दिन दिया जाएगा नियुक्ति पत्र

January 20, 2026
Next Post
Khushi Mukherjee's statement created a sensation... Know who became the victim of the Rs 100 crore case!

Khushi Mukherjee के बयान ने मचाई सनसनी… जानिए कौन बना Rs 100 करोड़ केस का शिकार!

Jharkhand News: गिरिडीह में एक साथ मां बेटी का शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

Jharkhand News: गिरिडीह में एक साथ मां बेटी का शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

Tara Sutaria and Veer Pahadia have separated! What happened after the AP Dhillon concert?

Tara Sutaria–Veer Pahariya का Breakup! क्या एपी ढिल्लों का कॉन्सर्ट बना वजह?

Yash's latest look for 'Toxic'

Yash's latest look for 'Toxic'

महिन्द्रा की धांसू SUV XUV 7XO लॉन्च

Ashnoor Kaur wreaked havoc in her hot look

Hot Look में आश्नूर कौर ने ढाया कहर

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection

Jharkhand Politics: नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से झारखंड को भी मिलेगा फायदा! जानिए नितिन और झारखंड का Connection

January 20, 2026

Jharkhand News: सिल्ली के एक स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, मची अफरा-तफरी

Breaking News: नितिन नबीन को बनाया गया Bharatiya Janta Party का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष

Jharkhand News: राज्य के एक हजार अभ्यर्थियों को जल्द ही मिलेगी सरकारी नौकरी, इस दिन दिया जाएगा नियुक्ति पत्र

Jharkhand News: दावोस में CM हेमंत सोरेन ने टाटा स्टील के साथ की अहम बैठक, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात-चीत!

Ranchi News: रांची में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना, अंधेरे का फायदा उठाकर नाबालिग से दुष्कर्म

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • होम
  • झारखंड
  • करियर
  • क्राइम
  • News Scoop
  • टेक्नोलॉजी
  • बिहार
  • बॉलीवुड
  • स्पोर्ट्स
  • धर्म-अध्याय
  • लोकल न्यूज़
  • राष्ट्रीय न्यूज़
  • E-Paper

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची
  • करियर
  • क्राइम
  • News Scoop
  • टेक्नोलॉजी
  • बिहार
  • बॉलीवुड
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
  • स्पोर्ट्स
  • धर्म-अध्याय
  • लोकल न्यूज़
  • राष्ट्रीय न्यूज़
  • E-Paper

© 2025 Khabar Mantra