Jharkhand Politics: नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद झारखंड के दर्जनों नेताओं ने उन्हें शुभकामनायें एवं बधाई दी। बता दें, नितिन नबीन का झारखंड से खास रिश्ता है। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आना स्वाभाविक है। इसके लिये झारखंड के नेताओं ने भी लॉबिंग शुरू कर दी है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश आदि के नाम प्रमुख हैं।
Jharkhand Politics: नितिन नवीन के निर्वाचन का असर झारखंड पर भी पड़ेगा!
नितिन नवीन के निर्वाचन का असर झारखंड पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। नितिन नबीन का राज्य की राजनीति और संगठन से पुराना और सक्रिय जुड़ाव रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने झारखंड में भाजपा के लिये व्यापक प्रचार अभियान चलाया था और कई महत्वपूर्ण सीटों पर रणनीतिक भूमिका निभाई थी।
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नितिन नबीन न केवल चुनावी दौर में, बल्कि सामान्य समय में भी झारखंड का लगातार दौरा करते रहे हैं। संगठनात्मक बैठकों से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद तक उनकी सक्रियता ने उन्हें झारखंड भाजपा के भरोसेमंद केंद्रीय चेहरों में शामिल कर दिया है।
Jharkhand Politics: उनका अनुभव झारखंड भाजपा के लिये अहम
Jharkhand Politics: नितिन नबीन का रांची में रिश्तेदारी भी है। उनका अनुभव झारखंड भाजपा के लिये अहम साबित हो सकता है। आगामी दिनों में पार्टी से जुड़ी रणनीतियां में झारखंड का विशेष प्राथमिकता मिल सकती है। उनकी शैली आक्रामक प्रचार के बजाय संगठन को एकजुट रखने और मुद्दों का स्पष्ट रूप से रखने पर केंद्रित रही है। यही कारण है कि राज्य भाजपा के कई नेता उन्हें संकट के समय का रणनीतिकार मानते हैं। नितिन नबीन की नई जिम्मेदारी से झारखंड भाजपा और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय और मजबूत होगा। इससे न सिर्फ संगठनात्मक फैसलों में तेजी आयेगी। बल्कि राज्य की राजनीतिक जरूरतों को राष्ट्रीय मंच पर बेहतर तरीके से रखा जा सकेगा।











