Ranchi News: बसंत पंचमी का त्योहार कला, ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित माना जाता है। हर साल बसंत पंचमी का दिन अपने साथ नई ऊर्जा और उल्लास लेकर आता है, लेकिन इस बार यह त्योहार और भी खास होने जा रहा है। वजह है इस शुभ अवसर पर बन रहा दुर्लभसंयोग और साथ ही रांची में पहली बार तैयार की जा रही है AI तकनीक आधारित मां सरस्वती की प्रतिमा, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
राजधानी रांची के प्रसिद्ध मूर्तिकार अजय पाल ने इस बार परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। उन्होंने पहली बार AI तकनीक की मदद से मां सरस्वती की प्रतिमा का निर्माण किया है, जो झारखंड में अपने आप में एक नया प्रयोग माना जा रहा है।
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AI आधारित यह प्रतिमा मां सरस्वती के शांत, सौम्य और दिव्य रूप को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करती है। चेहरे की भाव-भंगिमा, वीणा की बनावट और वस्त्रों की आकृति इतनी सजीव है कि देखने वाले ठहर कर निहारने को मजबूर हो जाते हैं।
Ranchi News: खास प्रतिमाएं, जबरदस्त डिमांड
इस वर्ष AI आधारित मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाने में काफी समय, मेहनत और बारीकी से काम किया। मूर्तियों की डिजाइन एक-दूसरे से अलग है और उनकी सुंदरता देखते ही बनती है। मूर्तिकार बताते हैं कि उनके यहां 300 रुपए से लेकर लाखों रुपये तक की प्रतिमाएं उपलब्ध है।
सालों का अनुभव, पहली बार नया प्रयोग
Ranchi News: अजय पाल का कहना है अब कला में भी तकनीक का समावेश जरूरी हो गया है। यही कारण है कि परंपरा को तकनीक से जोड़ने का प्रयोग किया। AI की मदद से डिजाइन तैयार किया और फिर उसे अपने हाथों से आकार दिया। मेहनत ज्यादा लगी, लेकिन नतीजा बेहद संतोषजनक है।
Ranchi News: पहले डिजाइन तैयार किया
मूर्तिकार के अनुसार उन्होंने AI आधारित ब्लू-प्रिंट की मदद से प्रतिमा का डिजाइन तैयार किया। फिर उसी डिजाइन को आधार बनाकर अपने हाथों से मिट्टी और पुआल से प्रतिमा का निर्माण किया गया। खास बात यह है कि इस मूर्ति में किसी भी तरह के कपड़े का इस्तेमाल नहीं किया गया है। पूरी प्रतिमा पारंपरिक मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनाई गयी है, लेकिन उसका स्वरूप आधुनिक तकनीक की झलक देता है। परंपरा, भक्ति और आधुनिक तकनीक का यह सगम न सिर्फ कला के क्षेत्र में नया प्रयोग है, बल्कि यह दिखाता है कि समय के साथ भारतीय शिल्प कला भी नये रूप में आगे बढ़ रही है।













