केंद्रीय बजट 2026 में महिलाओं के जीवन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर सीधा फोकस नजर आया। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ सरकार ने महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए ‘शी-मार्ट’ जैसी पहल की घोषणा की है, जिसे महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है शी-मार्ट?
शी-मार्ट एक ऐसा विशेष प्लेटफॉर्म होगा, जहां महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा तैयार उत्पादों को बाज़ार से सीधे जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के छोटे-छोटे कारोबार को पहचान, ग्राहक और स्थायी आय देना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शी-मार्ट महिलाओं को नौकरी मांगने वाली नहीं, नौकरी देने वाली बनाने में मदद करेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य में मिली राहत
बजट में दवाइयों के दाम घटाने और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण की घोषणा से महिलाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। गृहिणी सोनी देवी का कहना है कि अब बेटियों के लिए घर से दूर पढ़ाई करना आसान होगा, जिससे शिक्षा में निरंतरता आएगी।
Read More: न्यू एजी कॉलोनी में मातम-एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने उठाया खौफनाक कदम
नमामि देवी के अनुसार, “मध्यमवर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी शिक्षा और स्वास्थ्य में होती है। बजट में दोनों पर ध्यान दिया गया है, यह राहत की बात है।”
घरेलू बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
हालांकि महिलाओं का मानना है कि घरेलू सामग्रियों में कोई बड़ी राहत नहीं दी गई। सबिता देवी ने कहा कि माइक्रोवेव और मोबाइल फोन सस्ते होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बचत और निवेश योजनाओं में महिलाओं के लिए अलग टैक्स राहत होती तो घर की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती थी।
रांची को मिल सकती हैं ई-बसें
बजट में पूर्वी भारत के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा की गई है। राजधानी होने के नाते रांची के पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेड़े में नई ई-बसें शामिल होने की पूरी संभावना है, जिससे महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुलभ सफर आसान होगा।
क्यों खास है शी-मार्ट?
कुल मिलाकर, शी-मार्ट केवल एक योजना नहीं बल्कि महिलाओं के लिए कमाई, पहचान और आत्मनिर्भरता का नया रास्ता है। अगर इसे ज़मीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सबसे बड़ी कहानी बन सकती है।












