Jharkhand Assembly: बहरागोड़ा/राँची – झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बहरागोड़ा से विधायक समीर कुमार मोहंती ने आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के हक में आवाज बुलंद की है। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि समाज की आधारभूत कड़ी मानी जाने वाली इन कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति के समय उचित सम्मानजनक विदाई और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
Jharkhand Assembly: आंगनवाड़ी सेविका–सहायिकाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांग कर विधायक समीर कुमार मोहंती ने सदन में मुद्दा उठाया
प्रमुख मांगें: सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता
विधायक समीर मोहंती ने सदन में दो मुख्य बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया:
- रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि: सेवा समाप्ति के समय आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं को एक निश्चित एकमुश्त सहायता राशि दी जाए, ताकि वे अपने बुढ़ापे का निर्वाह सम्मानजनक ढंग से कर सकें।
- आकस्मिक मृत्यु पर अनुग्रह राशि: कर्तव्य के दौरान यदि किसी सेविका या सहायिका की असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रितों को अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
ICDS कार्यकर्ताओं की भूमिका पर दिया जोर
विधायक मोहंती ने कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत कार्यरत ये महिलाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। ये सामुदायिक कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सरकार की योजनाओं को सफल बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
समीर कुमार मोहंती ने कहा “वर्षों से समर्पित भाव से कार्य कर रही इन कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार का कर्तव्य है। इससे न केवल उनके योगदान का सम्मान होगा, बल्कि उन्हें भविष्य के प्रति सुरक्षा का भरोसा भी मिल सकेगा।”
क्यों जरूरी है यह कदम?
आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाएं लंबे समय से मानदेय में वृद्धि और स्थायीकरण की मांग करती रही हैं। विधायक द्वारा सदन में उठाए गए इस विषय से राज्य की हजारों महिलाओं को एक नई उम्मीद जगी है। सामाजिक सुरक्षा की कमी के कारण रिटायरमेंट के बाद इन कार्यकर्ताओं को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए यह पहल अत्यंत आवश्यक है।












