Jharkhand विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन कई अहम मुद्दों को लेकर काफी चर्चा में रहा। सदन में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड के इस्तेमाल से लेकर विज्ञान शिक्षक नियुक्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और राज्य में बढ़ती LPG Gas की किल्लत तक कई सवाल उठे। विपक्ष ने जहां सरकार को घेरा, वहीं मंत्रियों ने इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
DMFT फंड की सीमा को लेकर उठा सवाल
सबसे पहले DMFT फंड के उपयोग को लेकर बहस छिड़ी। विधायक प्रदीप यादव ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए तय की गई सीमा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र के लिए सीधे तौर पर 15 किलोमीटर और अप्रत्यक्ष रूप से 25 किलोमीटर की सीमा तय करने से कई प्रखंड और गांव विकास योजनाओं से बाहर हो जाएंगे।
उनका कहना था कि इससे क्षेत्रीय असमानता बढ़ सकती है और कई प्रभावित इलाके विकास से वंचित रह जाएंगे।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि यह प्रावधान वर्ष 2024 में केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के आधार पर तय किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर इससे किसी क्षेत्र को नुकसान होता है तो सरकार इस पर विचार करेगी और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार को नियम में बदलाव के लिए पत्र भेजेगी।
DMFT फंड के इस्तेमाल पर विपक्ष का हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी DMFT फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी सड़क, पानी और पर्यावरण से जुड़ी कई समस्याएं हैं, लेकिन फंड का उपयोग उन पर कम और अन्य निर्माण कार्यों पर ज्यादा किया जा रहा है।
उन्होंने लातेहार में DMFT फंड से बने एक जिम का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल आम लोग नहीं बल्कि अधिकारी करते हैं। मरांडी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए विधानसभा की एक टीम बनाने की मांग भी की।
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि DMFT से जुड़े मामलों की जांच चल रही है और अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञान शिक्षक नियुक्ति पर सरकार का जवाब
सदन में विज्ञान शिक्षक नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाया गया। विधायक अमित यादव के प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि विज्ञान शिक्षक बनने के लिए गणित और विज्ञान दोनों विषयों की योग्यता जरूरी है।
उन्होंने बताया कि विज्ञान और गणित शिक्षक के पद के लिए बीएससी मैथ की अर्हता तय की गई है और नियुक्ति प्रक्रिया इसी नियम के अनुसार आगे बढ़ रही है।
AI और डिजिटल पंचायत पर सरकार की योजना
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। विधायक सरयू राय के सवाल के जवाब में मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि राज्य सरकार AI को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है।
स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए 101 नए आइडिया की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक भी जल्द होने वाली है।
सरकार का कहना है कि राज्य में डिजिटल पंचायत को लेकर भी तेजी से काम चल रहा है और अगले दो से तीन महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम दिख सकते हैं।
राज्य में बढ़ती LPG Gas की किल्लत
सदन में LPG Gas की कमी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि पहले गैस सिलेंडर बुक करने के 48 घंटे के भीतर डिलीवरी हो जाती थी, लेकिन अब स्थिति काफी बदल चुकी है।
- शहरों में सिलेंडर आने में 5 से 25 दिन तक लग रहे हैं
- ग्रामीण इलाकों में करीब 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है
मंत्री ने यह भी बताया कि तेल कंपनियों के पास बड़ी संख्या में सिलेंडर रिफिलिंग के लिए लंबित हैं। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के पास मिलाकर लगभग 3 लाख 27 हजार 630 सिलेंडर रिफिलिंग के इंतजार में हैं।
कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति में भारी गिरावट
कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां लगभग 80 प्रतिशत तक आपूर्ति हो जाती थी, वहीं अब यह घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गई है।
राज्य में कॉमर्शियल गैस की कुल जरूरत करीब 2273 मीट्रिक टन है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 454 मीट्रिक टन गैस ही उपलब्ध हो पा रही है। यानी करीब 1118 मीट्रिक टन गैस की कमी हो गई है।
सरकार का कहना है कि इसका असर होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों पर पड़ सकता है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं और राज्य के जीएसटी राजस्व में गिरावट की आशंका है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









