Jharkhand News: झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य में टीबी (Tuberculosis) और सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) की पहचान और जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, सर्जरी के क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक (Robotic Technology) को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
Jharkhand News: रांची में शुरू होगा यह पायलट प्रोजेक्ट
स्वास्थ्य विभाग की इस योजना के तहत इसकी शुरूआत रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल से होगी साथ ही इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सबसे पहले लागू किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य राज्य को टीबी और सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाना है।
बैठक की मुख्य बातें
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में ‘मेरील’ (Meril) कंपनी के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई:
- टीबी मुक्त भारत अभियान: एआई के जरिए फेफड़ों की जांच और शुरुआती लक्षणों की पहचान में तेजी आएगी।
- सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग: एआई तकनीक की मदद से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान अब और भी सटीक और आसान होगी।
- रोबोटिक स्किल लैब: राज्य में सर्जनों को प्रशिक्षित करने के लिए रोबोटिक स्किल लैब की स्थापना की जाएगी।
- ड्रग एब्यूज कंट्रोल: नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए नई रणनीतियों पर मंथन।
विशेषज्ञों की उपस्थिति में समझाई गई उपयोगिता
बैठक में ‘मेरील’ कंपनी के प्रतिनिधियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से एआई और रोबोटिक तकनीक की उपयोगिता को समझाया। इस अवसर पर झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन, संयुक्त सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, रिम्स अधीक्षक डॉ. हीरेंद्र बिरूवा और सर्जरी विभाग के एचओडी प्रो. पंकज बोदरा सहित कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।












