Ranchi : राजधानी रांची में सोमवार को विधानसभा से थोड़ी दूर JTET अभ्यर्थी लंबित शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के आयोजन और नई नियमावली में संशोधन की मांग को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें JTET अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया था। जिसके बाद आज यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया है और इस पर विधानसभा के अंदर थोड़ी गरमा गर्मी भी सरकार और विपक्ष के बीच देखने को मिली।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे JTET अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण-बाबूलाल
दरअसल ध्यानाकर्षण से पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार का ध्यान सोमवार की घटना में खींचा। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में अधिकार है गद्दी में बैठने की, उन्हीं हाथों में यह ताकत भी है कि वो गद्दी से उतर भी सकते है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब सरकार समय पर परीक्षाओं का आयोजन नहीं करेगी, तो स्वाभाविक रूप से युवाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा। मरांडी ने तीखे लहजे में सवाल उठाया कि आखिर कब तक सरकार अपनी कमियों के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराती रहेगी।
JTET परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक का समय दिया है-सुदिव्य सोनू
वहीं, सरकार की ओर से जवाब देते हुए विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि JTET परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक का समय दिया है और सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने यह भी माना कि पहले व्यवस्था में खामियां थीं, लेकिन अब उन्हें दुरुस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और आगे परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएंगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति में प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ती है, ताकि हालात नियंत्रण में रहें।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट करता कि, इसी सरकार ने नगर निकाय चुनाव करवाया, cgl के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दी और कुछ दिन सब्र बनाए रखने की बात कही है ताकि JTET परीक्षा भी सही समय पर कराई जा सके। अब आने वाले दिनों में इस पर छात्रों का क्या रुख दिखता है यह देखने वाली बात होगी।












