रांची में 27% OBC आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन से जुड़े मामले में आज बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आजसू प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी समेत कई नेताओं के खिलाफ आरोप गठित कर दिए गए हैं।
गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में सुदेश महतो, चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत और पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता पेश हुए। अदालत ने सभी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
यह पूरा मामला 8 सितंबर 2021 का है, जब आजसू पार्टी के बैनर तले राज्यभर से हजारों कार्यकर्ता 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर रांची में जुटे थे। सुदेश महतो के नेतृत्व में निकाले गए ‘सामाजिक न्याय मार्च’ के दौरान कार्यकर्ता मोराबादी स्थित बापू वाटिका से मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई थी।
आजसू नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने निहत्थे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और बाद में नेताओं पर लालपुर थाना में कांड संख्या 201/2021 के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
डॉ. देवशरण भगत के अनुसार, पार्टी ने राज्यभर में अभियान चलाकर करीब 10 लाख लोगों से हस्ताक्षर कराए थे और कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए 6 से 8 सितंबर 2021 के बीच विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता रांची पहुंचे थे। उनका कहना है कि पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के लिए चलाए गए इस आंदोलन को प्रशासन ने बलपूर्वक दबाने की कोशिश की।
अब इस मामले में आरोप तय होने के बाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल तेज होने की संभावना है।












