Ranchi: झारखंड के पूर्व मंत्री Alamgir Alam को जमानत मिलने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आलमगीर आलम और उनके समर्थकों पर निशाना साधा। इसके बाद कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए भाजपा पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आलमगीर आलम को मिली राहत केवल उम्र और बीमारी के आधार पर दी गई अंतरिम जमानत है, इसे “बाइज्जत बरी” होना नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले के आरोपी नेता के जेल से बाहर आने पर जिस तरह जश्न मनाया जा रहा है, वह चौंकाने वाला है।
मरांडी ने कहा कि समर्थक ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आजादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई और कमीशनखोरी के आरोप क्या अब उत्सव मनाने की वजह बन गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने उस मामले का भी जिक्र किया जिसमें आलमगीर आलम के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। उन्होंने कहा कि नोट गिनने के लिए मशीनें लगानी पड़ी थीं और पूरा देश यह दृश्य देख रहा था। मरांडी ने कहा कि जमानत मिलना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता और भ्रष्टाचार के मामलों में कानून की प्रक्रिया लंबी चलती है।
इसके बाद कांग्रेस ने बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता Sonal Shanti ने कहा कि भाजपा ने झूठे आरोपों के जरिए आलमगीर आलम की छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत जमानत दी है और जांच एजेंसियां आरोप साबित करने में विफल रही हैं।
सोनाल शांति ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ हथियार की तरह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह साफ हो जाएगा कि एजेंसियों ने किस तरह न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग किया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने नेताओं की ओर भी देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में भी कई ऐसे चेहरे हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।








