झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Aditya Sahu ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर कांग्रेस की बेचैनी यह साबित करती है कि उसका वोट बैंक दांव पर लगा हुआ है। कांग्रेस केवल अपने “घुसपैठिये और फर्जी वोटरों” को बचाने के लिए इस संवैधानिक प्रक्रिया का विरोध कर रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि SIR चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर चलाया जाने वाला एक नियमित और संवैधानिक अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करना होता है। इसके तहत मृत, डुप्लीकेट या दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर झारखंड की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। साहू ने कहा कि SIR होने से राज्य में वोट बैंक की राजनीति के तहत बसाए गए फर्जी मतदाताओं का खुलासा होगा, इसी कारण विपक्षी दल बौखलाए हुए हैं।
“SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश में SIR पहली बार नहीं हो रहा है। आजादी के बाद अब तक यह प्रक्रिया कई बार हो चुकी है और अधिकांश बार कांग्रेस की सरकार के दौरान ही कराई गई थी। उन्होंने कहा कि आखिरी बार 2004 में SIR हुआ था, जबकि केंद्र में मोदी सरकार 2014 में आई। ऐसे में कांग्रेस का अब विरोध करना पूरी तरह राजनीतिक है।
साहू ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति फर्जी तरीके से सूची में शामिल न हो सके। इसके लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 जैसी प्रक्रियाएं तय की गई हैं।
“झारखंड के वास्तविक वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं”
आदित्य साहू ने कहा कि SIR एक जरूरी फिल्टर की तरह है, जो हर राज्य में समय-समय पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड में किसी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा। घबराहट केवल उन राजनीतिक दलों में है, जिनकी राजनीति फर्जी वोटरों पर आधारित है।
उन्होंने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार SIR पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता Shashi Tharoor ने स्वीकार किया है कि केरल में फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से कांग्रेस को फायदा हुआ था। साहू ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि राहुल गांधी केवल भ्रम और प्रोपेगेंडा की राजनीति कर रहे हैं।








