साइडिंग में चार प्रमुख कंपनियां है कार्यरत
वाहन मालिकों के अनुसार, साइडिंग में फिलहाल चार प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें जगद्धात्री मूवर्स ट्रांसपोर्ट पर 6 प्रतिशत, श्री माधव ट्रांसपोर्ट पर 8 प्रतिशत तथा आईटी एंटरप्राइज पर 10 प्रतिशत कटौती का आरोप लगाया गया है। वहीं एमएमपीएल पर अब तक भुगतान नहीं करने का आरोप है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और समाचार लिखे जाने तक किसी भी कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।एमएमपीएल के पास लंबित है 70 लाख का भुगतान
डंपर मालिकों का कहना है कि साइडिंग में प्रतिदिन करीब 70 से 80 डंपर कोयला परिवहन में लगे रहते हैं। उनका दावा है कि केवल एमएमपीएल के पास ही लगभग 70 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज वाहन मालिकों ने विरोध स्वरूप माल लोड करने के बाद डंपरों को खड़ा कर दिया, जिससे परिवहन कार्य प्रभावित होने की स्थिति बन गई। एक वाहन मालिक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन सामान्यतः 20 दिनों के भीतर ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भुगतान कर देता है। इसके बावजूद वाहन मालिकों तक राशि समय पर नहीं पहुंच रही है। उनका आरोप है कि ट्रांसपोर्टरों की ओर से कहा जाता है कि यदि बिना किसी कटौती के पूरा भुगतान चाहिए तो तीन महीने तक इंतजार करना होगा, जबकि जल्दी भुगतान के लिए 6 से 10 प्रतिशत तक कमीशन देना पड़ेगा।तपसी रेलवे साइडिंग रहता है चर्चा में
इस संबंध में आरोपित सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। गौरतलब है कि तपसी रेलवे साइडिंग पहले भी परिवहन, ठेका और कथित अवैध वसूली से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में एक बार फिर सामने आए इन आरोपों ने साइडिंग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति की बड़ी परीक्षा माना जाएगा। वहीं वाहन मालिकों और चालकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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