रांची: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह एनकाउंटर उस समय हुआ जब उसे साहेबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था। घटना के बाद अब एक और बड़ा तथ्य सामने आया है कि एनकाउंटर से पहले सुजीत सिन्हा ने अपनी जान को खतरा बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
जामताड़ा में हुआ एनकाउंटर
मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10:30 बजे कैदी वाहन जैसे ही जामताड़ा जिले की सीमा में पहुंचा, उसी दौरान सुजीत सिन्हा ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी। सुरक्षा बलों ने वाहन को कुछ देर के लिए रोका।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने मौके का फायदा उठाकर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और वहां से भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और सुजीत सिन्हा के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया।
एनकाउंटर से पहले हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
सुजीत सिन्हा के एनकाउंटर के बाद यह जानकारी सामने आई है कि उसने पहले ही झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल कर अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की थी।
याचिका में दावा किया गया था कि उसे आशंका है कि उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। उसके अधिवक्ता के अनुसार, 14 मार्च 2026 को उसे साहेबगंज जिला प्रशासन की ओर से कथित तौर पर ऐसी धमकी मिलने की बात कही गई थी। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंगोन मुखोपाध्याय (नाम की आधिकारिक पुष्टि न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार की जानी चाहिए) की पीठ ने संबंधित पक्षों से जवाब भी तलब किया था।
अब एनकाउंटर की घटना के बाद सुजीत सिन्हा के अधिवक्ता का कहना है कि इस पूरे मामले को दोबारा हाईकोर्ट के समक्ष उठाया जाएगा। इसके लिए परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की जा रही है।
जेल में रहकर भी चला रहा था गैंग
जांच एजेंसियों के अनुसार सुजीत सिन्हा लंबे समय से जेल में रहने के बावजूद अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उस पर आरोप था कि वह गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ मिलकर झारखंड में रंगदारी और संगठित अपराध के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
सूत्रों के मुताबिक उसके इशारे पर बाहर बैठे कारोबारियों को धमकियां दी जाती थीं और कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क में प्रिंस खान की भी अहम भूमिका बताई जाती रही है। हालांकि इन आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा अलग-अलग मामलों में की जा रही है।
अब हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रहेगी नजर
सुजीत सिन्हा की मौत के बाद मामला अब केवल पुलिस एनकाउंटर तक सीमित नहीं रह गया है। चूंकि एनकाउंटर से पहले सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने की बात सामने आई है, इसलिए आने वाले दिनों में न्यायालय में इस पूरे घटनाक्रम पर सुनवाई और सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पुलिस घटना की विस्तृत जांच में जुटी है, जबकि पूरे मामले पर प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
नोट: यह खबर प्रारंभिक पुलिस जानकारी, उपलब्ध दस्तावेज़ों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। हाईकोर्ट में लंबित याचिका, एनकाउंटर की परिस्थितियों तथा अन्य दावों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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