Ranchi: झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने छात्रों पर दर्ज FIR वापस नहीं लिए जाने के बाद आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने का ऐलान किया है। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
राज्य के अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेगी बीजेपी
भाजपा का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार ने करीब एक हजार छात्रों पर FIR दर्ज की और उनके घरों व कोचिंग संस्थानों तक पुलिस भेजकर डराने का काम किया। भाजपा ने सरकार को छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद अब पार्टी ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा अब राज्य के अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेगी और छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।
भाजपा प्रदेश कार्यालय रांची में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्र आंदोलन और छात्रों पर दर्ज FIR को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में पिछले 25 वर्षों के दौरान पहली बार छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार देखने को मिल रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य साहू ने कहा कि दिल्ली में हुए छात्र आंदोलनों और झारखंड के छात्रों के आंदोलन में काफी अंतर रहा है। उनके मुताबिक, झारखंड के छात्रों ने मर्यादा में रहकर अपनी बात सरकार के सामने रखी, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने करीब एक हजार छात्रों पर FIR दर्ज कराई। इतना ही नहीं, छात्रों के घरों तक पुलिस भेजने और कोचिंग संस्थानों में जाकर उन्हें डराने का काम भी किया गया।
छात्रों के साथ झामुमो कार्यकर्ताओं का व्यवहार भी सवाल खड़े करता है
उन्होंने कहा कि सरकार चलाने का मतलब यह नहीं है कि आने वाली युवा पीढ़ी को भय के माहौल में रखा जाए। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ झामुमो कार्यकर्ताओं का व्यवहार भी सवाल खड़े करता है और यह झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता पैदा करता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने बीते दिनों झारखंड के मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की थी। उनका आरोप है कि इसके अगले ही दिन महागठबंधन के नेताओं ने मुख्य सचिव से मुलाकात की और मीडिया के सामने छात्रों को धमकाने का काम किया।
अपराधियों पर लगाम लगाने में सरकार विफल रही है
आदित्य साहू ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कोयला, बालू और पत्थर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है और अपराधियों पर लगाम लगाने में सरकार विफल है। लेकिन छात्रों के पीछे पुलिस और प्रशासन को लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि FIR और पुलिस कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस का डर कुछ समय तक ही कायम रह सकता है। सरकार को पुलिस का दुरुपयोग बंद करना चाहिए, क्योंकि अगर छात्रों के साथ उनके परिजन भी सड़कों पर उतर गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, अब सड़क पर BJP
भाजपा ने छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने के लिए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद अब भाजपा ने आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता चरणबद्ध तरीके से विभिन्न जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेंगे।
भाजपा के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 सितंबर को गिरिडीह, रांची, दुमका और गढ़वा में प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं 9 सितंबर को कोडरमा, पलामू, सिमडेगा, साहेबगंज और चाईबासा में भाजपा कार्यकर्ता DC-SP कार्यालयों का घेराव करेंगे।
इसके बाद 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, लातेहार और चतरा समेत अन्य जिलों में भी प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है।

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