Ranchi: रांची प्रेस क्लब में झारखंड आंदोलनकारियों ने संवाददाता सम्मेलन कर अलग झारखंड राज्य के उद्देश्य और मौजूदा परिस्थितियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत आंदोलनकारी सह तत्कालीन कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर एक मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना से हुई।
स्थानीय एवं नियोजन नीति बनाने की मांग
ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) बृहद झारखंड के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने भाषा, संस्कृति और खतियान को झारखंडियों की पहचान का आधार बताते हुए स्थानीय एवं नियोजन नीति बनाने की मांग की।
उन्होंने खनन और खनिज से मिलने वाली रॉयल्टी के इस्तेमाल का ब्योरा जनता के सामने रखने की बात कही। उनका कहना था कि विस्थापित और प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा व विकास पर रॉयल्टी का कितना हिस्सा खर्च होता है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।
जनगणना के बाद जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की मांग
नियोजन नीति और पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने झारखंड गठन से अब तक JPSC समेत विभिन्न विभागों की नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग की।
महतो ने जातीय जनगणना के बाद जनसंख्या के आधार पर आरक्षण और जनता की सुविधा के अनुसार परिसीमन की जरूरत बताई। उन्होंने खूंटी लोकसभा क्षेत्र में खरसावां और रांची लोकसभा क्षेत्र में ईचागढ़ का उदाहरण भी दिया।
मौके पर रमेश साहू, रंजीत उरांव, बाबू भाई मानकी, ऐनुल भाई और विष्णु दास समेत कई आंदोलनकारी मौजूद थे।

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