Ranchi: तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TPC) के सुप्रीमो और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने ब्रजेश गंझू को उत्तर प्रदेश ATS ने मुठभेड़ में मार गिराया है। वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान ब्रजेश गंझू मारा गया। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग ठिकानों से संगठन का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, ब्रजेश गंझू के निर्देश पर लेवी वसूली और उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हत्या, फायरिंग और वाहनों में आगजनी जैसी घटनाएं की जाती रही थीं। झारखंड के पलामू, लातेहार, चतरा और रांची के खलारी क्षेत्र में TPC के प्रभाव के दौरान उसका नाम लगातार सामने आता रहा।
एक दशक से ज्यादा समय से एजेंसियों की पकड़ से बाहर था ब्रजेश
ब्रजेश गंझू लंबे समय से पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों से बचता आ रहा था। बताया जाता है कि करीब एक दशक से भी ज्यादा समय पहले झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज करने की कोशिश की थी। उस अधिकारी का बाद में तबादला हो गया।
हालांकि, तबादले के पीछे आधिकारिक तौर पर कोई दूसरा कारण रहा हो सकता है, लेकिन संबंधित पुलिस अधिकारी का दावा था कि ब्रजेश गंझू के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दबाव बनाने के बाद उनका ट्रांसफर किया गया था। यह घटना काफी पुरानी है और इसके बाद भी ब्रजेश लगातार सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा।
झारखंड पुलिस और NIA को नहीं थी मौजूदा लोकेशन की जानकारी
ब्रजेश गंझू ने पिछले कुछ समय में खुद को पूरी तरह भूमिगत कर लिया था। उसकी गतिविधियों और ठिकाने को लेकर झारखंड पुलिस तथा NIA के पास भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसी बीच उत्तर प्रदेश ATS को उसकी मौजूदगी को लेकर एक महत्वपूर्ण इनपुट मिला।
इनपुट मिलने के बाद ATS ने वाराणसी के रामनगर इलाके में कार्रवाई की। घेराबंदी के दौरान पुलिस और ब्रजेश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया। इस कार्रवाई के साथ ही लंबे समय से फरार चल रहे TPC सुप्रीमो की तलाश खत्म हो गई।
ब्रजेश पर था कुल 30 लाख रुपये का इनाम
ब्रजेश गंझू की तलाश में झारखंड पुलिस और NIA ने अलग-अलग इनाम घोषित कर रखा था।
– झारखंड पुलिस: 25 लाख रुपये
– NIA: 5 लाख रुपये
– कुल इनाम: 30 लाख रुपये
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह सुरक्षा एजेंसियों की नजर में कितना महत्वपूर्ण और वांछित आरोपी था।
मगध और आम्रपाली कोल प्रोजेक्ट से जुड़ा टेरर फंडिंग मामला
ब्रजेश गंझू के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण मामलों में चतरा जिले के मगध और आम्रपाली कोयला परियोजनाओं से जुड़ा टेरर फंडिंग केस भी शामिल था। इन परियोजनाओं से कथित तौर पर लेवी वसूली और उस पैसे का इस्तेमाल उग्रवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किए जाने के मामले की जांच NIA कर रही है।
इस मामले में ब्रजेश गंझू को प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया था। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई।
इस केस से जुड़े प्रमुख नामों में मुकेश गंझू, भीखन गंझू, आक्रमण गंझू और ब्रजेश गंझू शामिल रहे हैं। मुकेश गंझू के सरेंडर करने, भीखन गंझू और आक्रमण गंझू के गिरफ्तार होने के बाद ब्रजेश गंझू लंबे समय तक फरार था। अब वाराणसी में मुठभेड़ के दौरान उसकी मौत के साथ इस मामले के एक प्रमुख आरोपी का अध्याय भी खत्म हो गया।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








