Durga Ashtami 2026 Date: शारदीय नवरात्र में दुर्गा अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे महा अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र की अष्टमी तिथि पर भक्त व्रत रखते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके साथ ही कन्या पूजन और मां दुर्गा का खोइछा भरने की परंपरा भी निभाई जाती है। झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में इस परंपरा का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कि दुर्गा अष्टमी 2026 में कब है, मां महागौरी की पूजा कैसे करें और कन्या पूजन की सही विधि क्या है।
दुर्गा अष्टमी 2026 कब है? (Durga Ashtami 2026 Date)
शारदीय नवरात्र 2026 में दुर्गा अष्टमी का पर्व रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। महावीर और मिथिला पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह समाप्त होगी।
- दुर्गा अष्टमी की तारीख: 18 अक्टूबर 2026, रविवार
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: 18 अक्टूबर, सुबह 5:54 बजे
- अष्टमी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर, सुबह 7:53 बजे
- महा अष्टमी व्रत: 18 अक्टूबर 2026
दिए गए समय महावीर पंचांग के अनुसार हैं। पूजा का सटीक मुहूर्त जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी पुष्टि कर लें।
महा अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का महत्व
नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी शांति, पवित्रता, सुख और समृद्धि की प्रतीक हैं। भक्त इस दिन माता की आराधना कर परिवार की खुशहाली और जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं।
महा अष्टमी पर व्रत रखने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने और कन्या पूजन करने की परंपरा है। कई घरों में इस दिन विशेष पूजा के साथ मां दुर्गा को चुनरी, फल, फूल और प्रसाद अर्पित किया जाता है।
मां महागौरी की पूजा विधि (Maa Mahagauri Puja Vidhi)
महा अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा श्रद्धा और विधि-विधान से की जाती है। पूजा के लिए इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं।
- सुबह स्नान करें: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थल तैयार करें: मंदिर या पूजा स्थान की सफाई करें। परंपरा के अनुसार गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।
- माता का ध्यान करें: मां महागौरी की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं और पूजा का संकल्प लें।
- पूजा सामग्री अर्पित करें: माता को फूल, अक्षत, रोली, धूप, दीप और फल अर्पित करें।
- मंत्र जाप और पाठ करें: मां महागौरी के मंत्र का जाप करें। इसके साथ दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं।
- माता की आरती करें: पूजा के अंत में मां महागौरी की आरती करें और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- प्रसाद वितरित करें: माता को भोग लगाने के बाद परिवार के सदस्यों और अन्य भक्तों में प्रसाद बांटें।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा सामग्री और विधि में क्षेत्रीय अंतर हो सकता है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करना उचित है।
दुर्गा अष्टमी 2026 पर कैसे करें कन्या पूजन?
नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कई परिवार अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, जबकि कुछ परिवारों में यह परंपरा नवमी तिथि पर निभाई जाती है। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका आदर-सत्कार किया जाता है।
कन्या पूजन की आसान विधि इस प्रकार है:
- सबसे पहले कन्याओं को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करें।
- घर आने पर परंपरा के अनुसार उनके पैर धोकर सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं।
- कन्याओं को हलवा, पूरी, चना या घर में तैयार किया गया सात्विक भोजन परोसें।
- भोजन के बाद उन्हें फल, मिठाई या अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार दें।
- श्रद्धापूर्वक दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लें।
परंपरा में सामान्यतः दो से दस वर्ष तक की कन्याओं को पूजन के लिए आमंत्रित किया जाता है। कन्याओं की संख्या और पूजन की विधि परिवार की मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
महा अष्टमी पर मां दुर्गा का खोइछा भरने की परंपरा
बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में महा अष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा का खोइछा भरने की परंपरा प्रचलित है। इसमें भक्त माता को श्रद्धा के साथ पारंपरिक सामग्री अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा मंगल की कामना करते हैं।
यह परंपरा स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार निभाई जाती है। इसलिए खोइछा भरने की सामग्री और विधि अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती है।
दुर्गा अष्टमी 2026: इन बातों का रखें ध्यान
- पूजा से पहले पूजा स्थल और घर की साफ-सफाई करें।
- व्रत रखने वाले लोग अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार व्रत के नियम अपनाएं।
- कन्या पूजन के दौरान बच्चियों का सम्मान और उनकी सुविधा का ध्यान रखें।
- पूजा के शुभ समय की पुष्टि स्थानीय पंचांग से करें।
- पूजा में श्रद्धा, स्वच्छता और सात्विकता को प्राथमिकता दें।
दुर्गा अष्टमी यानी महा अष्टमी नवरात्र का एक महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर मां महागौरी की पूजा, व्रत और कन्या पूजन की परंपरा निभाई जाती है। साल 2026 में दुर्गा अष्टमी 18 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी। भक्त इस दिन माता की आराधना कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









