Nemra: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का संस्कार भोज आज उनके पैतृक गांव नेमरा में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग के व्यापक इंतजाम किए हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को नेमरा में अपनी मां रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में निभाईं। इस दौरान मां को याद कर वे भावुक हो गए। अब संस्कार भोज को लेकर गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नेमरा में संस्कार भोज के लिए बनाए गए 4 पंडाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए चार पंडाल तैयार किए गए हैं। इनमें तीन पंडाल आम लोगों के लिए बनाए गए हैं, जबकि एक पंडाल वीआईपी मेहमानों के लिए निर्धारित किया गया है। आयोजन में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
14 आईपीएस, 42 डीएसपी और 2300 जवान संभालेंगे सुरक्षा
नेमरा में संस्कार भोज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 14 आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और करीब 2300 पुलिस जवानों को सौंपी गई है। गोला के डीवीसी चौक से नेमरा तक लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
मुख्यमंत्री और वीआईपी मेहमानों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दो हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
नेमरा जाने के लिए 340 ऑटो की व्यवस्था
संस्कार भोज में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए लुकैया में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। योजना के अनुसार, बड़ी गाड़ियों को यहां पार्क कराया जाएगा। इसके बाद लोगों को नेमरा तक पहुंचाने के लिए 340 ऑटो की व्यवस्था की गई है।
रामगढ़ जिला पुलिस ने यातायात और पार्किंग से संबंधित रूट मैप भी जारी किया है। लोगों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ने अपील की है कि नेमरा के लिए रवाना होने से पहले क्यूआर कोड स्कैन करके निर्धारित मार्ग और पार्किंग स्थल की जानकारी प्राप्त कर लें।
चांडिल से पहुंचाया गया खस्सी और हड़िया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में आदिवासी परंपराओं का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री के ननिहाल चांडिल से खस्सी और हड़िया पहुंचाया गया है।
आदिवासी परंपरा में हड़िया तपावन के रूप में चढ़ाया जाता है, जबकि खस्सी पारंपरिक भोज का हिस्सा है। संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं।
पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील
नेमरा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां के संस्कार भोज को लेकर प्रशासन अलर्ट है। सुरक्षा, पार्किंग और परिवहन की व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित रूट का पालन करने और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है।
नेमरा में होने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









