दिवाली 2026: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में पटाखों की खरीदारी तेज हो जाती है। रंग-बिरंगी पैकिंग, आकर्षक ऑफर और कम कीमत के चक्कर में कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल किए पटाखे खरीद लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार में मिलने वाले पटाखे वास्तव में सुरक्षित और अधिकृत हैं या नहीं? गलत तरीके से निर्मित, बिना उचित जानकारी वाले या नियमों का उल्लंघन करने वाले पटाखे आग लगने और गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में पटाखे खरीदते समय उनकी पैकिंग, निर्माता की जानकारी, लाइसेंस, प्रमाणन और बिल की जांच करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि असली और नकली पटाखों की पहचान कैसे करें और दिवाली पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बाजार में असली और नकली पटाखों की पहचान करना क्यों जरूरी है?
दिवाली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के साथ बाजार में अलग-अलग कंपनियों और ब्रांड के उत्पाद दिखाई देने लगते हैं। इनमें अधिकृत निर्माताओं के पटाखों के साथ-साथ ऐसे उत्पाद भी मिल सकते हैं जिनकी निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता और कानूनी स्थिति की जानकारी स्पष्ट नहीं होती।
पटाखे विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आते हैं। इनके निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल के लिए निर्धारित नियम हैं। यदि कोई पटाखा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाया गया है या उसकी पैकिंग में जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो उसके इस्तेमाल में जोखिम हो सकता है।
इसलिए केवल पटाखे की कीमत या पैकिंग देखकर उसकी गुणवत्ता का फैसला नहीं करना चाहिए। खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना आवश्यक है।
1. पटाखों के पैकेट पर निर्माता का नाम और पता देखें
असली और अधिकृत पटाखों की पहचान करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका उनकी पैकेजिंग पर दी गई जानकारी को जांचना है।
पटाखों के पैकेट पर निर्माता का नाम, पता और आवश्यक उत्पाद संबंधी विवरण देखना चाहिए। इसके अलावा पैकेजिंग पर लागू नियमों के अनुसार जरूरी चेतावनियां और अन्य विवरण भी होने चाहिए।
यदि किसी पटाखे के पैकेट पर निर्माता की पहचान नहीं है, जानकारी अस्पष्ट है या जरूरी विवरण गायब हैं, तो उसे खरीदने से बचें।
2. लाइसेंस और कानूनी जानकारी की जांच करें
पटाखों का निर्माण और बिक्री निर्धारित कानूनी नियमों के तहत की जाती है। भारत में विस्फोटक पदार्थों से संबंधित नियमन में पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसलिए पटाखे खरीदते समय अधिकृत निर्माता और लाइसेंस प्राप्त विक्रेता से ही सामान खरीदें। जहां लाइसेंस या अनुमति संबंधी विवरण लागू हों, उनकी जानकारी जांचें।
ध्यान रखें कि केवल किसी पैकेट पर लाइसेंस नंबर छपा होना उसकी वास्तविकता का अंतिम प्रमाण नहीं है। संदेह होने पर संबंधित आधिकारिक स्रोत से जानकारी सत्यापित करें।
3. ग्रीन पटाखों की पहचान कैसे करें?
पिछले कुछ वर्षों में ग्रीन पटाखों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इन पटाखों को पारंपरिक पटाखों की तुलना में कुछ निर्धारित प्रदूषणकारी उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
भारत में CSIR-NEERI यानी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान की ग्रीन पटाखों के विकास और परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए इन बातों पर ध्यान दें:
- पैकेट पर निर्धारित ग्रीन फायरक्रैकर्स की पहचान देखें।
- CSIR-NEERI से संबंधित प्रमाणन और निर्धारित लोगो की जांच करें।
- उत्पाद के पैकेट पर उपलब्ध QR कोड को स्कैन करके जानकारी सत्यापित करें।
- निर्माता और उत्पाद से संबंधित विवरण की जांच करें।
यह भी समझना जरूरी है कि केवल हरे रंग का लोगो या QR कोड लगा होने से कोई पटाखा प्रमाणित नहीं हो जाता। उसकी प्रमाणिकता की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।
ग्रीन पटाखों का मतलब प्रदूषण-मुक्त पटाखे नहीं है। इनके इस्तेमाल से भी ध्वनि और वायु प्रदूषण हो सकता है।
4. पैकेट की सील, प्रिंटिंग और पैकिंग की जांच करें
पटाखे खरीदते समय उनकी पैकिंग को ध्यान से देखना चाहिए। कई बार खराब या छेड़छाड़ की गई पैकेजिंग उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर सकती है।
इन संकेतों पर विशेष ध्यान दें:
- पैकेट फटा हुआ या खुला न हो।
- पैकिंग पर छेड़छाड़ के निशान न हों।
- निर्माता की जानकारी स्पष्ट और पढ़ने योग्य हो।
- प्रिंटिंग धुंधली या गलतियों से भरी न हो।
- पटाखे नमी से प्रभावित या क्षतिग्रस्त न हों।
हालांकि, अच्छी पैकिंग अपने आप में असली होने की गारंटी नहीं है। इसलिए बाकी जरूरी जानकारियों की भी जांच करें।
5. बहुत कम कीमत पर मिलने वाले पटाखों से रहें सावधान
दिवाली के दौरान कई दुकानों पर आकर्षक ऑफर और कम कीमत में पटाखे बेचने के दावे किए जाते हैं। कई ग्राहक पैसे बचाने के लिए ऐसे उत्पाद खरीद लेते हैं जिनके निर्माता और गुणवत्ता की जानकारी स्पष्ट नहीं होती।
यह जरूरी नहीं कि हर सस्ता पटाखा नकली हो, लेकिन असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाले अनजान उत्पादों की जांच जरूर करनी चाहिए।
खरीदारी करते समय केवल कीमत को आधार न बनाएं। उत्पाद की पैकिंग, निर्माता, प्रमाणन और विक्रेता की विश्वसनीयता को प्राथमिकता दें।
6. पटाखे खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें
पटाखों की खरीदारी के दौरान बिल लेना बेहद जरूरी है। बिल में दुकानदार और खरीदारी से संबंधित जानकारी दर्ज रहती है। किसी उत्पाद को लेकर शिकायत या विवाद होने पर यह उपयोगी हो सकता है।
इसलिए कोशिश करें कि:
- लाइसेंस प्राप्त और अधिकृत दुकान से पटाखे खरीदें।
- खरीदारी के बाद बिल जरूर लें।
- उत्पाद की पैकिंग और जानकारी सुरक्षित रखें।
- बिना बिल के खुले पटाखे खरीदने से बचें।
7. खुले और बिना जानकारी वाले पटाखे खरीदने से बचें
कई बार बाजार में पटाखे खुले रूप में या बिना मूल पैकिंग के बेचे जाते हैं। ऐसे उत्पादों के निर्माता, निर्माण प्रक्रिया और प्रमाणिकता की जांच करना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए बिना पहचान वाले, क्षतिग्रस्त या संदिग्ध पैकेट में मिलने वाले पटाखे न खरीदें।
पटाखे की असलियत जानने के लिए उसे खोलना, सूंघना, तोड़ना या जलाकर जांचना बिल्कुल सुरक्षित तरीका नहीं है।
दिवाली पर पटाखे जलाते समय इन 8 सावधानियों का रखें ध्यान
अच्छे और अधिकृत पटाखे खरीदना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें जलाते समय भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
- पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं।
- बच्चों को अकेले पटाखे जलाने न दें।
- पटाखे जलाते समय वयस्कों की निगरानी जरूरी है।
- पटाखे जलाने के लिए लंबी दूरी वाली सुरक्षित अग्नि-स्रोत सामग्री का इस्तेमाल करें।
- पटाखे जलाते समय उचित दूरी बनाए रखें।
- पास में पानी की बाल्टी या अग्निशमन का उपयुक्त साधन रखें।
- जलने के बाद बचे हुए पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
- पटाखों को घर के अंदर, बंद कमरे या ज्वलनशील पदार्थों के पास न रखें।
यदि कोई पटाखा नहीं जलता है, तो उसके पास तुरंत न जाएं। पर्याप्त समय तक दूरी बनाए रखें और उसे दोबारा जलाने या छेड़ने की कोशिश न करें।
पटाखों की खरीदारी में किन गलतियों से बचना चाहिए?
| आम गलती | सही तरीका |
|---|---|
| बिना निर्माता की जानकारी वाले पटाखे खरीदना | निर्माता का नाम और पता जांचें |
| सिर्फ ग्रीन लोगो देखकर पटाखे लेना | प्रमाणन की आधिकारिक पुष्टि करें |
| बहुत कम कीमत देखकर खरीदारी करना | गुणवत्ता और वैधता जांचें |
| बिना बिल के पटाखे खरीदना | पक्का बिल लें |
| खुले और क्षतिग्रस्त पटाखे खरीदना | सही पैकिंग वाले उत्पाद चुनें |
| पटाखों को खोलकर जांचना | ऐसा बिल्कुल न करें |
क्या नकली पटाखों की पहचान घर पर की जा सकती है?
यह समझना जरूरी है कि किसी पटाखे को केवल देखकर या उसकी आवाज सुनकर असली या नकली घोषित नहीं किया जा सकता। पैकेजिंग और लेबल की जांच से संदिग्ध उत्पादों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, लेकिन उसकी वास्तविक गुणवत्ता और प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और आवश्यक परीक्षण की जरूरत पड़ सकती है।
यदि किसी पटाखे की पैकिंग संदिग्ध है, निर्माता की जानकारी उपलब्ध नहीं है या उत्पाद के बारे में संदेह है, तो उसे न खरीदें और संबंधित स्थानीय प्रशासन या पुलिस को जानकारी दें।
दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए पटाखे खरीदते समय केवल आकर्षक पैकिंग और कम कीमत पर भरोसा न करें। निर्माता की जानकारी, आवश्यक लाइसेंस, ग्रीन पटाखों का प्रमाणन, पैकेजिंग और बिल की जांच जरूर करें।
सबसे जरूरी बात यह है कि पटाखे हमेशा अधिकृत विक्रेता से खरीदें और उनका इस्तेमाल निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुसार ही करें। सुरक्षित दिवाली मनाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
डिस्क्लेमर: पटाखों की खरीद, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल के संबंध में स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित सरकारी प्राधिकरणों के लागू नियमों का पालन करें।

Akash Kumar Singh is an IT Executive & SEO Specialist at Khabar Mantra. A Full-Stack Developer, AI/ML Engineer, and EdTech Founder (Dilwado), he scales platforms serving 10K+ students, commands a 400K+ subscriber tech channel, and drives high-performance web growth.









