Dhanteras 2026 Gold Silver Price: धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव खरीदारों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। साल की शुरुआत में ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट आई है। ऐसे में त्योहार के मौके पर खरीदारी करने वालों के पास यह सोचने का मौका है कि सोना लेना समझदारी होगी या चांदी में पैसा लगाना बेहतर रहेगा।
5 नवंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,44,129 प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव ₹1,87,300 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। जनवरी में दर्ज ऊंचे स्तर से तुलना करें तो सोने के साथ-साथ चांदी भी काफी सस्ती हुई है। हालांकि, कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि आने वाले दिनों में दोनों धातुओं के दाम जरूर बढ़ेंगे।
Dhanteras 2026: जनवरी के मुकाबले कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। लेकिन बाद में बाजार की परिस्थितियां बदलीं और दोनों धातुओं के भाव अपने ऊंचे स्तर से नीचे आ गए।
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,76,121 प्रति 10 ग्राम था। 5 नवंबर तक यह घटकर ₹1,44,129 पर आ गया। यानी इन दोनों तारीखों के बीच सोने की कीमत में ₹31,992 प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। चांदी की कीमत में गिरावट और भी ज्यादा रही। 29 जनवरी 2026 को इसका भाव ₹3,79,988 प्रति किलोग्राम तक पहुंचा था, जबकि 5 नवंबर को कीमत ₹1,87,300 रही। इस हिसाब से चांदी अपने दर्ज उच्च स्तर से ₹1,92,688 प्रति किलोग्राम नीचे आ चुकी है।
ध्यान रहे कि ये पिछले दर्ज भावों की तुलना है। धनतेरस के दिन खरीदारी करने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी जरूर लें।
सोने-चांदी के दाम में फिर क्यों दिखी तेजी?
लगातार दबाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला। 5 नवंबर के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोना करीब 4,130 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 52 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंची। डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट को इस तेजी के संभावित कारणों में गिना जा रहा है। जब डॉलर कमजोर होता है या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों की मांग को सहारा मिल सकता है।
हालांकि, बाजार में एक-दो दिन की तेजी को नई तेजी का पक्का संकेत मानना सही नहीं होगा। आने वाले समय में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंक की नीतियां और वैश्विक घटनाक्रम कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Gold Price Outlook: क्या सोना लंबी अवधि में बेहतर विकल्प है?
सोने को आमतौर पर पोर्टफोलियो में विविधता लाने और आर्थिक अनिश्चितता के दौरान जोखिम संतुलित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक तनाव जैसे कारक लंबे समय में इसकी मांग को समर्थन दे सकते हैं। लेकिन सोने की कीमतें भी ब्याज दरों, डॉलर और निवेशकों की गतिविधियों से प्रभावित होती हैं। यदि अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं या डॉलर मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव पड़ सकता है।
इसलिए केवल इस आधार पर सोना नहीं खरीदना चाहिए कि इसकी कीमत पहले से कम हो गई है। खरीदारी का फैसला इस बात पर निर्भर करना चाहिए कि आपको आभूषण चाहिए, भविष्य के लिए बचत करनी है या निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लानी है।
Silver Price Outlook: चांदी में कमाई का मौका या ज्यादा जोखिम?
चांदी की खासियत यह है कि इसकी मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में भी इसका इस्तेमाल होता है। इन क्षेत्रों में मांग बढ़ने से लंबे समय में चांदी की कीमतों को फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतें औद्योगिक गतिविधियों और निवेशकों के रुझान से तेजी से प्रभावित हो सकती हैं। इसी कारण इसमें सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अगर भविष्य में औद्योगिक मांग मजबूत रहती है, तो चांदी के लिए सकारात्मक स्थिति बन सकती है। लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ने या मांग में कमी आने पर इसके भाव गिर भी सकते हैं। इसलिए चांदी में निवेश करने से पहले संभावित लाभ के साथ जोखिम को समझना जरूरी है।
धनतेरस पर किसे खरीदना चाहिए सोना और किसे चांदी?
सोना और चांदी, दोनों के अपने फायदे और जोखिम हैं। सही विकल्प का चुनाव आपकी जरूरत, निवेश की अवधि और जोखिम सहने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए।
सोना खरीदने पर कब करें विचार?
अगर आप धनतेरस पर आभूषण खरीदना चाहते हैं या लंबे समय के लिए अपने निवेश में कीमती धातु शामिल करना चाहते हैं, तो सोना एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसे पूरी तरह सुरक्षित या हमेशा मुनाफा देने वाला निवेश नहीं समझना चाहिए।
चांदी खरीदना कब हो सकता है सही?
अगर आप कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव सह सकते हैं और औद्योगिक मांग से जुड़ी संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहते हैं, तो चांदी पर विचार किया जा सकता है। लेकिन इसमें तेजी की संभावना के साथ नुकसान का जोखिम भी अधिक हो सकता है।
खरीदारी से पहले इन बातों को न भूलें
- सोने के आभूषण खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID की जांच करें।
- केवल प्रति ग्राम भाव नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज और लागू GST सहित कुल कीमत देखें।
- निवेश के लिए खरीदारी कर रहे हैं तो अपने आपातकालीन फंड और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें।
- एक ही दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर बड़ा निवेश करने से बचें।
- अलग-अलग ज्वैलर्स के रेट और खरीद-बिक्री की शर्तों की तुलना करें।
इस धनतेरस क्या खरीदना रहेगा बेहतर?
धनतेरस 2026 पर सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन आगे किस धातु में ज्यादा रिटर्न मिलेगा, इसका निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है। सोना उन लोगों के लिए विचार करने योग्य विकल्प है जो लंबी अवधि के नजरिये से अपने पोर्टफोलियो में विविधता चाहते हैं। वहीं, चांदी में औद्योगिक मांग के कारण तेजी की संभावना हो सकती है, लेकिन इसके भाव में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा रहता है।
इसलिए धनतेरस पर खरीदारी का फैसला सिर्फ सस्ता होने के आधार पर न लें। अपनी जरूरत, बजट और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही सोना या चांदी चुनें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। सोने और चांदी की कीमतें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं। निवेश से पहले ताजा भाव और संबंधित जोखिमों की जांच करें।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








