रांची: आजसू पार्टी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी मुद्दों को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा कि पेसा कानून और सरना कोड पर कांग्रेस-झामुमो को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि 2014 में मनमोहन सिंह की सरकार ने सरना कोड की मांग को क्यों खारिज कर दिया था.
आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मौजूदा सरकार आदिवासी अधिकारों को कमजोर कर रही है और पेसा कानून को लागू करने से बच रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस-झामुमो की नीतियां हमेशा दोहरी रही हैं.
सरना कोड पर दोहरी नीति का आरोप
डॉ. भगत ने बताया कि 2012 में यूपीए सरकार ने लोकसभा में सरना कोड की मांग को गृह मंत्रालय के जरिए अव्यावहारिक बताते हुए खारिज कर दिया था. उन्होंने सवाल उठाया कि 11 फरवरी 2014 को तत्कालीन केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री वी. किशोर चंद्रदेव ने अपने आधिकारिक बयान में सरना कोड को अव्यावहारिक क्यों बताया था. आजसू पार्टी ने कहा कि वह सरना कोड का समर्थन करती है लेकिन कांग्रेस-झामुमो की दोहरी नीति को जनता के सामने लाना जरूरी है.
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पेसा कानून पर सरकार को घेरा
पेसा कानून को लेकर संजय मेहता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस कानून को पूरी तरह लागू करने से बच रहे हैं क्योंकि इससे आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकार मिलेंगे और भ्रष्टाचार आधारित राजनीति उजागर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि कानून प्रभावी तरीके से लागू होता है तो बालू माफियाओं की गतिविधियों पर रोक लगेगी और प्राकृतिक संसाधनों की लूट पर लगाम कसी जाएगी.
जातीय जनगणना का समर्थन
आजसू नेताओं ने कहा कि पार्टी जातीय जनगणना का पूरा समर्थन करती है और इसे मूल जनगणना के साथ ही कराने की मांग करती है. उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया.
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वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप
आजसू पार्टी ने कांग्रेस और झामुमो पर वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो दल आज सत्ता में हैं, वही धरना देकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं. उन्होंने इसे झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पार्टी झारखंडी अस्मिता और आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रभारी परवाज खान, केंद्रीय सचिव हरीश कुमार और युवा नेता संजय मेहता भी उपस्थित थे.













