Jharkhand News: हजारीबाग स्थित जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा के ओपन जेल से हाल ही में तीन बांग्लादेशी कैदी डिटेंशन सेंटर से दीवार फांद कर फरार हो गए थे. फरार होने वालों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जिन्हें भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. बता दें, उन तीनों को हजारीबाग पुलिस ने मात्र 15 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है.
हजारीबाग पुलिस और बंगाल पुलिस की रही साझेदारी
इस मामले को लेकर एसपी अंजनी कुमार अंजन ने बताया कि हजारीबाग पुलिस को यह सफलता बंगाल पुलिस की मदद से मिली. यह कार्रवाई चार विशेष टीमों साथ ही तकनीकी शाखा की मदद से संभव हो पाई. इस दौरान DSP अमित कुमार, SDPO अमित आनंद ने अपने 12 पुलिस पदाधिकारियों की टीम के साथ विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर सफलता हासिल की. एसपी ने आगे बताया कि, बंगाल के बोनगांव स्थित बांग्लादेश सीमा से अख्तर खुशी उर्फ निफा अख्तर और नजमुल हलधर को बंगाल पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया है, जबकि रीना खान उर्फ फिना देवी को धनबाद रेलवे स्टेशन से GRP की मदद से पकड़ा गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
डिटेंशन सेंटर में तैनात 6 जवान निलंबित
जानकारी के अनुसार डिटेंशन सेंटर में तैनात 6 जवानों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. और आगे की विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है.
फरार कैदियों की पहचान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान रीना खान उर्फ फिना देवी, निपाह अख्तर खुशी और मोहम्मद नजमूल हंग के रूप में हुई है. रीना खान को पहले जामताड़ा जेल में रखा गया था, जहां से उसे 4 फरवरी 2022 को हजारीबाग स्थानांतरित किया गया था. निपाह अख्तर को रांची के होटवार जेल से 28 सितंबर 2024 को लाया गया था, जबकि मोहम्मद नजमूल हंग को दुमका जेल से 1 मार्च 2025 को ट्रांसफर किया गया था.
अहम भागीदारी
तीनों बांग्लादेशी कैदी के गिरफ्तारी में DSP मुख्यालय अमित कुमार, SDPO सदर अमित आनंद, इंस्पेक्टर पेलावल, इंस्पेक्टर दारु शाहिद रजा, थाना प्रभारी पदमा राणा भानू प्रताप सिंह, थाना प्रभारी लोहसिंघना पुन्नु कुमार यादव थाना प्रभारी, कटकमदाग पंकज कुमार थाना प्रभारी, पेलावल वेद प्रकाश पाण्डेय, दारोगा साहिना प्रवीण, निशान्त केरके की अहम भागीदारी रही.











