Ranchi : राजधानी दिल्ली के लाल किला धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस आतंकी साजिश के खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह कोई एक दिन की साजिश नहीं, बल्कि कई महीनों से रची जा रही बड़ी आतंकी योजना थी। आतंकियों का मकसद दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई शहरों में 200 आईईडी धमाके कर 26/11 जैसी दहशत फैलाना था।
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आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हैं
सूत्रों के अनुसार, आतंकी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हुए थे और उन्होंने लाल किला, इंडिया गेट, गौरी शंकर मंदिर और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी की थी। देशभर के रेलवे स्टेशन और मॉल भी टारगेट लिस्ट में शामिल थे।
हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक गिरफ्तार
जांच के दौरान पता चला है कि आतंकियों ने मेडिकल पेशे से जुड़े कुछ लोगों की मदद ली थी, ताकि वे बिना शक के देशभर में मूव कर सकें। इसी दौरान हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया गया है। मौलवी के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इसके साथ ही श्रीनगर के SMHS अस्पताल के डॉक्टर तजामुल को भी हिरासत में लिया गया है।
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दिल्ली ब्लास्ट मामले में अब तक कुल 12 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। जांच एजेंसियां की माने तो अगर यह साजिश सफल होती तो देश एक बड़े आतंकी हमले का गवाह बन सकता था। फिलहाल मामले में अभी भी जांच जारी है।













