रांची: राजधानी में महिलाओं के साथ हो रही छेड़छाड़ और यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। हाल के दिनों में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा महिलाओं के साथ की गई आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। इस पर सवाल उठते ही ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।
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सड़कों पर शाम 7 से रात 11 बजे तक ट्रैफिक पुलिस की गश्ती
ट्रैफिक पुलिस की बाइक पेट्रोलिंग टीम अब रांची की सड़कों पर शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक सक्रिय रहेगी। यह टीम बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों के आसपास विशेष नजर रखेगी। विशेष रूप से उन महिलाओं और युवतियों पर निगरानी की जाएगी जो ऑटो, ई-रिक्शा या कैब से अकेली सफर कर रही होंगी। अगर किसी वाहन या चालक पर संदेह हुआ तो ट्रैफिक पुलिस न केवल वाहन को रुकवाएगी, बल्कि चालक और महिला यात्री दोनों के नंबर लेगी। महिला को भी पुलिस का नंबर दिया जाएगा ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क किया जा सके।
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ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए सख्त नियम लागू
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए सख्त गाइडलाइन भी जारी की है। जिसमें ऑटो चालकों को खाकी और ई-रिक्शा चालकों को नीली वर्दी पहननी होगी। वर्दी नहीं पहनने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी चालकों को अपनी वर्दी पर नाम की प्लेट लगानी होगी ताकि यात्री उनकी पहचान कर सकें। हर चालक को हर महीने काउंसेलिंग सेशन में शामिल होना जरूरी होगा। सभी ऑटो, ई-रिक्शा और कैब में पुलिस हेल्पलाइन 112 और संबंधित पुलिस पदाधिकारी का नंबर साफ-साफ अंकित होना अनिवार्य होगा।
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जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली ने बताया कि इस योजना को जल्द ही पूरे शहर में लागू किया जाएगा। ताकी महिलाओं को विशेष सुरक्षा देने के लिए उन्हें पुलिस हेल्पलाइन नंबर भी दिया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके। बता दें कि यह कदम रांची में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार भी आएगा और महिलाओं में विश्वास बढ़ेगा।
जानिए क्या है पूरा मामला
ध्यान रहे कि 30 मई को चान्हों थाना क्षेत्र के चौड़ा गांव के जंगल में कुछ ऑटो चालकों के द्वारा महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद से रांची पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे थे। हालांकि कुछ दिनों के अंदर ही रातू थाना की पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अपने प्राथमिकी में पीड़िता ने बताया कि वह 30 मई को अपने गांव से दिल्ली जाने के लिए निकली थी। इसके बाद ट्रेन पकड़ने के लिए वह हटिय़ा स्टेशन पहुंची। इसी बीच उसने घर वापस जाने का योजना बनाया। जिसके बाद उसने अपने घर यानी गुमला जाने का योजना बनाया और हटिया स्टेशन के बाहर से ऑटो ली, जहां विनय कुमार साव ने पीड़िता को लालगुटवा न ले जाकर सीधे उसके घर गुमला पहुंचा देने की बात कही। इसी बीच ऑटो चालक ने रातू से अपने कुछ दोस्तों को यह बोलकर बैठा लिया कि यह भी उसी के साथ गुमला जाएंगे। जिसके बाद सभी आरोपियों ने चान्हों थाना क्षेत्र के एक जंगल ले गए जहां सभी आरोपियों ने नाबालिग से बारी बारी दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इसके अगले दिन सभी आरोपियों ने रातू थाना के मुरगू गांव होटल के पास पीड़िता को छोड़ कर सभी वहां से भाग गए। इसके बाद नाबालिग के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी। आरोपियों का हुलिया और अन्य जानकारी लेने के बाद छापेमारी कर रातू पुलिस ने आरोपियों को हुरहुरी से गिरफ्तार कर लिया।
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