Viral News: कर्ज आमतौर पर आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का जरिया होता है, लेकिन जब वही Loan ऊंचे ब्याज, जुर्माने और सख्त शर्तों के चलते बेकाबू हो जाए, तो यह पूरी जिंदगी तबाह कर सकता है। सिंगापुर से सामने आया एक मामला इसी सच्चाई को उजागर करता है, जहां एक व्यक्ति द्वारा लिया गया लगभग 1.75 करोड़ रुपये का लोन समय के साथ बढ़कर 147 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालात ऐसे बने कि कर्ज के बोझ तले दबे इस व्यक्ति को अपना करोड़ों का घर भी बेचना पड़ा। मामला अब अदालत में है और इसकी जांच जारी है।
Singapore Loan Case: कब और कैसे लिया गया था कर्ज?
रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति ने वर्ष 2010–2011 के बीच सिंगापुर में एक लाइसेंस प्राप्त मनीलेंडर से कर्ज लिया था। कर्ज की रकम 2.5 लाख सिंगापुर डॉलर थी, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.75 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। शुरुआती समय में यह कर्ज सामान्य व्यावसायिक या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए लिया गया बताया जा रहा है।
हालांकि, समस्या कर्ज की रकम से ज्यादा उसकी शर्तों में छिपी थी, जिसने आगे चलकर इसे एक गंभीर डेब्ट ट्रैप में बदल दिया।
High Interest Loan: ब्याज और जुर्माने की सख्त शर्तें
कर्ज समझौते के अनुसार,
- मूल रकम पर 4 प्रतिशत प्रति माह ब्याज तय किया गया था।
- यदि किसी महीने भुगतान में देरी होती, तो ब्याज दर बढ़कर 8 प्रतिशत प्रति माह हो जाती थी।
- इसके अलावा, हर महीने देरी पर 2500 सिंगापुर डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाता था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी ऊंची मासिक ब्याज दरें और अलग से जुर्माना किसी भी कर्जदार के लिए लंबे समय तक संभाल पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
Debt Trap News: चार साल में कई गुना बढ़ गया कर्ज
लगातार देरी और भारी शुल्कों के कारण कर्ज तेजी से बढ़ने लगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि महज चार वर्षों के भीतर 2.5 लाख सिंगापुर डॉलर का कर्ज बढ़कर 30 लाख सिंगापुर डॉलर तक पहुंच गया। यह राशि मूल रकम से कई गुना अधिक थी।
इसके बाद भी ब्याज और जुर्माने रुकने के बजाय चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में जुड़ते रहे। वर्षों तक चले इस सिलसिले ने कर्ज को और भयावह बना दिया।
Loan Turned Crores: 2021 तक 147 करोड़ रुपये का बोझ
लगातार बढ़ते ब्याज और पेनल्टी के कारण वर्ष 2021 तक बकाया राशि 2.1 करोड़ सिंगापुर डॉलर तक पहुंच गई। भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 147 करोड़ रुपये के बराबर थी। इस स्तर तक पहुंच चुका कर्ज व्यक्ति की आर्थिक क्षमता से कहीं ज्यादा हो चुका था।
Property Sold Due To Loan: कर्ज चुकाने के लिए घर बेचना पड़ा
कर्ज के बढ़ते दबाव ने व्यक्ति को अपनी सबसे बड़ी संपत्ति बेचने के लिए मजबूर कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2016 में उसने अपना
2.1 करोड़ सिंगापुर डॉलर का आवासीय मकान उसी कंपनी के निदेशक को बेच दिया, जिससे उसने कर्ज लिया था।
हालांकि, यह सौदा सामान्य बिक्री जैसा नहीं था।
Sale and Rent Agreement: मालिक से किरायेदार बना कर्जदार
घर की बिक्री के साथ ही एक किरायेदारी समझौता भी किया गया। इसके तहत व्यक्ति उसी मकान में किरायेदार के रूप में रहने लगा। समझौते के अनुसार उसे हर महीने करीब 5 से 6 लाख रुपये के बीच किराया चुकाना था।
उम्मीद थी कि इस व्यवस्था से आर्थिक स्थिति कुछ सुधरेगी, लेकिन वास्तविकता इसके उलट रही। घर बिकने के बावजूद कर्ज कम नहीं हुआ और उसकी परेशानियां और बढ़ गईं।
Court On Loan Interest: विवाद पहुंचा अदालत तक
समय के साथ किराया न चुका पाने और संपत्ति खाली न करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला अदालत पहुंचा और अपील के दौरान सिंगापुर हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई हुई।
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हाईकोर्ट के न्यायाधीश फिलिप जयरात्नम ने कर्ज की स्थिति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 2.5 लाख सिंगापुर डॉलर का कर्ज ब्याज और शुल्कों के कारण करोड़ों में बदल जाना “अंतरात्मा को झकझोर देने वाला” है।
Fraud Allegation in Loan Case: धोखाधड़ी के आरोप
कर्जदार ने अदालत में यह भी दावा किया कि किरायेदारी समझौता केवल दिखावटी था और उसे कर्ज के दबाव में इस सौदे के लिए मजबूर किया गया। उसने आरोप लगाया कि कर्ज दस्तावेजों में धोखाधड़ी या कानूनी उल्लंघन हुआ है।
अदालत ने कहा कि कर्ज की शर्तों, घर की बिक्री और पूरी लेन-देन प्रक्रिया की विस्तृत जांच जरूरी है, ताकि यह साफ हो सके कि यह सौदा किन परिस्थितियों में किया गया था।
Why This Case Matters: कर्ज व्यवस्था पर उठते सवाल
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह ऊंचे ब्याज वाले निजी कर्ज, मनीलेंडिंग सिस्टम और डेब्ट ट्रैप जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल खड़े करता है। यह दिखाता है कि कैसे सीमित रकम का कर्ज समय के साथ पूरी जिंदगी का बोझ बन सकता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया से यह तय होगा कि इस मामले में न्याय किस दिशा में जाता है, लेकिन फिलहाल यह घटना कर्ज लेने वालों के लिए एक कड़ी चेतावनी जरूर है।












