Jamshedpur: East Simbhum जिले में Maleria का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। गालूडीह थाना अंतर्गत हेंदलजुड़ी पंचायत के केंदडांगा निवासी 14 वर्षीय किरण हांसदा की मौत Maleria से हो गई। इसके अलावा जिले में मलेरिया से मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। किरण हांसदा आठवीं कक्षा की छात्रा थी।
स्थानिय लोगों के अनुसार किरण कुछ दिनों से जगन्नाथपुर गांव स्थित अपने रिश्तेदार के यहां रह रही थी। सोमवार को उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन पहले उसे घाटशिला स्थित स्वर्णरेखा नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने स्थिती को देखते हुए रेफर कर दिया। परिजन बेहतप इलाज के लिए किरण को पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल ने मृत्यु का कारण Maleria सेप्सिस बताया।
15 दिनों में एक लाख से अधिक लोगों की जांच
जिले में Maleria उन्मूलन अभियान के तहत लगातार जांच, इलाज और वेक्टर नियंत्रण का कार्य जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को 11,362 लोगों की जांच में 83 नए मलेरिया संक्रमित मिले। वहीं 29 जून से 14 जुलाई तक कुल 1,30,380 लोगों की जांच की गई, जिनमें 2,072 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए।
मंगलवार को सबसे अधिक 22-22 मरीज डुमरिया और पोटका प्रखंड में मिले। इसके अलावा घाटशिला में 10, मुसाबनी में 9, धालभूमगढ़ में 7, सदर अस्पताल में 7 तथा पटमदा में 6 नए संक्रमित मिले। एमजीएम अस्पताल में फिलहाल आठ मलेरिया मरीज भर्ती हैं, जिनमें एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
10 डॉक्टर समेत 27 अन्य कर्मचारियों का वेतन रोका
Maleria और डेंगू नियंत्रण अभियान के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर मंगलवार को शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा लक्ष्मीनगर एवं मानगो के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
इसके बाद 10 डॉक्टर, चार एएनएम, तीन लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट, एक जीएनएम, तीन सहायक कर्मचारी, दो एमपीडब्ल्यू, एक होमगार्ड और दो गार्ड समेत कुल 27 कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया। सभी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाएगी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि मलेरिया जैसी गंभीर स्थिति में स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में Maleria के बढ़ते मामलों के पीछे स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही भी एक बड़ा कारण है। ऐसे मामलों में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








