एअर इंडिया CEO कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा: जानें क्या है बड़ी वजह
Air India CEO Campbell Wilson: एअर इंडिया (Air India) के प्रबंधन में एक बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विल्सन का कार्यकाल सितंबर 2027 तक था, लेकिन वे सितंबर 2026 में ही पद छोड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले हफ्ते हुई बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
इस्तीफे की मुख्य वजह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंपबेल विल्सन का पद छोड़ना अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट से जुड़ा है। दरअसल अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेक-ऑफ के बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी। जिसकी अंतिम रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) जून 2026 में सौंप सकता है।
एअर इंडिया इस रिपोर्ट के आने के बाद नए CEO की औपचारिक नियुक्ति करेगी।
एअर इंडिया के सामने आर्थिक चुनौतियाँ
विल्सन का जाना ऐसे समय में हो रहा है जब एयरलाइन बड़े वित्तीय संकट से गुजर रही है:
- ₹20,000 करोड़ का नुकसान: वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को भारी घाटे की आशंका है।
- रूट डायवर्जन और फ्यूल कॉस्ट: पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों की लागत बढ़ गई है।
- विमानों की डिलीवरी में देरी: नए विमानों के आने में हो रही देरी से विस्तार योजनाओं पर बुरा असर पड़ा है।
CEO की तलाश शुरू
एअर इंडिया ने नए प्रमुख की खोज जनवरी 2026 से ही शुरू कर दी थी। सूत्रों का कहना है कि कंपनी कुछ हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों के साथ बातचीत कर रही है और अगले हफ्ते इस पर एक अहम बैठक हो सकती है।
कैंपबेल विल्सन का करियर ग्राफ
विल्सन को विमानन क्षेत्र का 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। विल्सन ने शुरुआत 1996 में सिंगापुर एयरलाइंस में बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी की थी। जिसके बाद वे सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहायक कंपनी ‘स्कूट’ के फाउंडिंग CEO रहे। कुछ दिनों के बाद 2022 में एअर इंडिया के टाटा समूह ने उन्हें एअर इंडिया की कमान सौंपी थी।
एविएशन सेक्टर में इस्तीफों का दौर
भारतीय विमानन क्षेत्र में यह दूसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले 10 मार्च 2026 को इंडिगो (IndiGo) के CEO पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा दिया था। इंडिगो ने उनकी जगह विलियम वॉल्श को नया CEO नियुक्त किया है। इंडिगो को भी पिछले साल खराब ऑपरेशन्स के कारण ₹2,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा था।
कैंपबेल विल्सन का जाना एअर इंडिया के लिए एक चुनौतीपूर्ण मोड़ है। अहमदाबाद हादसे की रिपोर्ट और बढ़ते वित्तीय घाटे के बीच, टाटा समूह के सामने अब एक ऐसे नेतृत्व को चुनने की चुनौती है जो एयरलाइन की छवि सुधार सके और इसे मुनाफे की राह पर ले जा सके।













