Ranchi: HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के ठेका मजदूरों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। आजसू पार्टी ने सप्लाई मजदूर संघर्ष समिति के 17 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन का समर्थन करते हुए एचईसी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज होगा।
आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर बुधवार को एचईसी मुख्यालय पहुंचे और मजदूरों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
डॉ. भगत ने कहा, “एचईसी प्रबंधन ने 1400 ठेका मजदूरों को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रखने का जो निर्णय लिया है, वह पूरी तरह मजदूर विरोधी है। वर्षों से काम कर रहे मजदूरों के हक को छीनने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रवीण प्रभाकर ने कहा, “झारखंड का निर्माण आजसू ने संघर्ष से किया ताकि यहां के मजदूरों और गरीबों को अधिकार मिले। यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक उठाया जाएगा। एचईसी का पुनरुद्धार तभी संभव है जब स्थानीय विस्थापित मजदूरों को न्याय मिले।”
मजदूरों ने जताई नाराजगी, वेतन और बहाली की रखी मांग
नेहरू पार्क से जुलूस निकालकर एचईसी मुख्यालय तक पहुंचे मजदूरों ने घंटों प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के नेता दिलीप सिंह ने कहा, “पिछले 25 वर्षों से एचईसी के लिए काम कर रहे मजदूरों को प्रबंधन आउटसोर्सिंग के हवाले करना चाहता है। लेकिन अब तक किसी मजदूर ने आउटसोर्सिंग का फॉर्म नहीं भरा है। जब तक चार महीने का बकाया वेतन नहीं दिया जाता और पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।”
सभा में रंथु लोहरा, मनोज पाठक, उवैस आज़ाद, वाई त्रिपाठी, राजेश शर्मा, मोईन अंसारी, शारदा देवी, शांति देवी, रोहित पाण्डेय, प्रेम नाथ शाहदेव, फिरोज अंसारी समेत कई नेताओं ने भी मजदूरों का समर्थन किया।












