Ranchi: चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन रांची एवं जिला प्रशासन खूंटी/रांची के संयुक्त सहयोग से सतरंजी बाजार में अफीम खेती के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया और किसानों के बीच पंपलेट वितरित कर अफीम की खेती नहीं करने की अपील की गई।z
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को अफीम की खेती से होने वाले कानूनी, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही किसानों को वैकल्पिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। किसानों को ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, स्वीट कॉर्न, टमाटर, बैंगन और लाह उत्पादन जैसी फसलों की खेती की जानकारी दी गई। बताया गया कि इन फसलों से अफीम की खेती की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्थायी आमदनी संभव है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अफीम सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि अफीम का सेवन करने से नाड़ी की गति धीमी हो जाती है, हाथ-पैर और चेहरे की त्वचा काली पड़ने लगती है, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक पसीना, लीवर कैंसर, किडनी पर बुरा असर और पाचन तंत्र कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि अफीम की खेती कानूनन अपराध है। एनडीपीएस एक्ट के तहत अफीम की खेती में शामिल पाए जाने पर 10 वर्ष तक की सजा, आजीवन कारावास तथा संपत्ति की जब्ती का प्रावधान है। इसके अलावा अफीम की खेती से उपजाऊ जमीन भी धीरे-धीरे बंजर हो जाती है, जिससे भविष्य में खेती असंभव हो सकती है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी अफीम की अवैध खेती होती दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाना या जिला प्रशासन को दें।
इस जागरूकता अभियान के दौरान बैद्यनाथ कुमार, चंदन कुमार दीपक एवं नाटक मंडली की टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसे स्थानीय लोगों और किसानों ने सराहा।












