सिंदरी, झारखंड: सिंदरी के लगभग 5000 परिवारों को जबरन बेदखली से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है। तीस हजारी कोर्ट, नई दिल्ली के वरिष्ठ वकील उत्कर्ष पांडेय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) प्रबंधन द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियान को गैरकानूनी ठहराते हुए स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की मांग की है।
वकील पांडेय द्वारा भेजे गए आवेदन में बताया गया है कि एफसीआई कॉलोनी सिंदरी में सेवानिवृत्त कर्मचारी, मृतक कर्मियों के आश्रित, अनौपचारिक श्रमिक, छोटे व्यापारी और लंबे समय से बसे परिवार रहते हैं। इनमें से कई परिवार दशकों से यहाँ रह रहे हैं और अचानक की जा रही बेदखली कार्रवाई से गहरा संकट उत्पन्न हो गया है।
200 से अधिक नागरिकों ने भेजी ईमेल
सिंदरी के लगभग 200 नागरिकों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की अपील करते हुए, आवेदन पत्र की प्रतियां मुख्य न्यायाधीश को ईमेल के माध्यम से भेजी हैं।
आवेदन में लगे दस्तावेज:
उत्कर्ष पांडेय ने अपने आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न किए हैं:
- रांची उच्च न्यायालय का आदेश
- बीआईएफआर (BIFR) के पूर्व निर्णय
- केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय एवं एफसीआई के आंतरिक पत्र
आवेदन में उल्लेख है कि सेल को 307 एकड़ भूमि का गैर-पारदर्शी पट्टा हस्तांतरण, पुनर्वास अधिकारों से नागरिकों को वंचित रखना, और आवासीय क्षेत्र को व्यवसायिक उपयोग में बदलना संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
भाजपा नेता धीरज सिंह का बयान
भाजपा नेता धीरज सिंह ने जनता से अपील की है कि वे भयभीत न हों और अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने कहा, “कुछ लोग गलत सूचना फैला रहे हैं कि एफसीआई जबरन आवास खाली कराएगी। ऐसा नहीं है। डोमगढ़ बचाओ मोर्चा जनता के साथ खड़ा है और हरसंभव कानूनी सहायता प्रदान करेगा।”
यह मामला केवल सिंदरी के निवासियों का ही नहीं, बल्कि देशभर के उन लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, जो दशकों से सार्वजनिक संस्थानों के आवासीय क्षेत्रों में बसे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान की यह अपील देश में शहरी बेदखली और पुनर्वास नीति पर एक महत्वपूर्ण दृष्टांत बन सकती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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