Ranchi News: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच को और तेज कर दिया है. इस मामले में अब उन दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान इस घोटाले का पर्दाफाश किया था. ये दोनों अफसर – करण सत्यार्थी और फैज अक अहमद – बतौर गवाह ACB के सामने पेश किया जाएगा.
IAS अफसरों को भेजा गया नोटिस
उत्पाद विभाग के तत्कालीन उत्पाद आयुक्त रहे करण सत्यार्थी, जो वर्तमान में जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) हैं, और फैज अक अहमद, जो फिलहाल रामगढ़ के DC हैं, को ACB मुख्यालय में पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया है. अधिकारियों से घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी.
read more- 15 दिन भगवान जगन्नाथ के बिना दर्शन? जानिए क्यों होती है ये अनोखी परंपरा!
किन बिंदुओं पर होगी पूछताछ?
ACB सूत्रों के अनुसार, दोनों अफसरों ने अपने कार्यकाल में शराब कारोबार से जुड़ी कई गड़बड़ियों की न केवल जानकारी दी थी, बल्कि कुछ मामलों में आपत्तियां भी दर्ज की थीं. इन बिंदुओं पर होगी पूछताछ:
- शराब कारोबार से जुड़े ठेके और वित्तीय लेन-देन
- नियमों की अनदेखी और कथित भ्रष्टाचार
- किस तरीके से घोटाले को अंजाम दिया गया
- किन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही
- दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य की उपलब्धता
क्यों बुलाया गया बतौर गवाह?
ACB के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों IAS अफसरों ने शराब घोटाले को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके पास इस मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और साक्ष्य हैं, जो केस की जांच में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. इसी वजह से उन्हें गवाह के तौर पर तलब किया गया है.
अब तक कौन-कौन हो चुके हैं गिरफ्तार?
ACB ने अब तक इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है:
- तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे
- तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह
- JSBCL के तत्कालीन महाप्रबंधक सुधीर कुमार
- महाप्रबंधक (वित्त) सुधीर कुमार दास
- मैनपावर सप्लाई कंपनी मार्शन के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह
इसके अलावा, ACB ने पूर्व उत्पाद सचिव मनोज कुमार और सेवानिवृत्त उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है.
जांच जारी, बड़े खुलासों की उम्मीद
ACB की जांच अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है. इन दोनों IAS अधिकारियों की गवाही से केस को एक नई दिशा मिल सकती है और कई और बड़े नाम जांच के घेरे में आ सकते हैं.













