झारखंड के खूंटी जिले में हुए बहुचर्चित पहड़ा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। इस मामले के आरोपी लाल देवब्रत नाथ शाहदेव को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह सनसनीखेज वारदात 7 जनवरी 2026 को खूंटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग गांव में हुई थी। गांव के तालाब के पास पहड़ा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। लोग दहशत में थे और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
हत्या कैसे हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना अचानक हुई। अज्ञात अपराधियों ने घात लगाकर हमला किया और गोली मारकर फरार हो गए। तालाब के पास की सुनसान जगह को अपराधियों ने सोच-समझकर चुना था।
गांव में मातम का माहौल था। लोग गुस्से में थे और जल्द न्याय की मांग कर रहे थे। क्या ये सिर्फ एक हत्या थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? यह सवाल हर किसी के मन में था।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए 8 जनवरी 2026 को खूंटी थाना में कांड संख्या 03/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जैसे कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। साथ ही, मुखबिरों की मदद से भी अहम सुराग जुटाए गए।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं:
- बाहा मुंडा
- देवा पाहन
- अनिश मुंडा
- रविया पाहन
- रमेश्वर संगा उर्फ रमेश
- पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित
- देवव्रत नाथ शाहदेव
मुख्य आरोपी की भूमिका
इनमें देवव्रत नाथ शाहदेव को इस मामले का अहम आरोपी माना जा रहा था। पुलिस के अनुसार, उसकी भूमिका साजिश और निष्पादन दोनों में महत्वपूर्ण थी।
हाईकोर्ट से मिली राहत
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने आरोपी देवव्रत नाथ शाहदेव को जमानत दे दी है। यह फैसला केस की दिशा बदल सकता है। आरोपी की ओर से वरीय अधिवक्ता ए.के. कश्यप ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पर्याप्त ठोस सबूत नहीं हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की दिशा
फिलहाल केस की सुनवाई जारी है। जमानत मिलने के बाद भी आरोपी पर लगे आरोप खत्म नहीं हुए हैं।
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर है। क्या अदालत में नए सबूत सामने आएंगे? क्या बाकी आरोपी भी राहत पाएंगे? यह देखने वाली बात होगी।
FAQs
1. सोमा मुंडा की हत्या कब हुई थी?
7 जनवरी 2026 को उनकी हत्या की गई थी।
2. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए थे?
कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
3. किस आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिली?
देवव्रत नाथ शाहदेव को जमानत मिली है।
4. हाईकोर्ट में आरोपी की ओर से किसने पक्ष रखा?
वरीय अधिवक्ता ए.के. कश्यप ने पक्ष रखा।











