रांची/नई दिल्ली: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren को बड़ी कानूनी राहत मिली है। Supreme Court of India ने डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ईडी) की शिकायत के आधार पर शुरू हुई आपराधिक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस अंतरिम आदेश के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रही क्रिमिनल प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लग गई है, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली है।
सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने जारी किया नोटिस
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) Surya Kant की अगुवाई वाली बेंच ने मामले पर विचार किया। अदालत ने कहा कि ईडी की ओर से वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि:
- ईडी चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करे।
- इसके बाद दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता की ओर से जवाब दाखिल किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से फिलहाल मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला कथित तौर पर भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक प्रकरण से संबंधित है। Directorate of Enforcement (ईडी) ने आरोप लगाया था कि जारी समन का पालन नहीं किया गया, जिसके आधार पर आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई थी।
हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि यह कार्रवाई तथ्यों और कानून के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में कई कानूनी खामियां हैं, जिस कारण राहत की मांग की गई।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख
इससे पहले Jharkhand High Court ने ‘ईडी के आदेशों की अवज्ञा’ से जुड़े मामले में आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद Hemant Soren ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में बढ़ी चर्चा
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईडी चार सप्ताह में क्या जवाब दाखिल करती है और अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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