विश्वविद्यालय के अनुसार, गौरव की नियुक्ति वर्ष 2019 में की गई थी, जो दस्तावेज सत्यापन के अधीन थी। सेवा पुष्टि प्रक्रिया के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत बीटेक (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग) की डिग्री और अंकपत्रों की जांच कराई गई।
जांच के लिए प्रमाणपत्रों को सीएमजे विश्वविद्यालय, मेघालय भेजा गया, जहां से स्पष्ट जवाब मिला कि ये दस्तावेज उनके संस्थान द्वारा जारी नहीं किए गए हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड में भी मौजूद नहीं हैं।
नोटिस के बाद भी नहीं दे सके जवाब
इसके बाद विश्वविद्यालय ने गौरव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि, उनके जवाब में प्रमाणपत्रों की वैधता साबित नहीं हो सकी। जांच में प्रथम दृष्टया यह मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का पाया गया।
सेवा समाप्त, कानूनी कार्रवाई संभव
CUJ प्रशासन ने आदेश जारी कर नियुक्ति को पूरी तरह शून्य घोषित कर दिया है और तत्काल सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही, उन्हें सभी जिम्मेदारियों का हस्तांतरण करने और विश्वविद्यालय की संपत्ति लौटाने का निर्देश दिया गया है।
विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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