Jharkhand News: SIR और नाम सत्यापन को लेकर मुखर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने ही संगठन में नामों की शुद्धता सुनिश्चित करने में विफल नजर आई है। गढ़वा जिले के रमकंडा और चिनियां मंडल में बीजेपी ने ऐसे नेताओं को मंडल प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया, जिनका निधन महीनों पहले हो चुका था।
रमकंडा मंडल में आठ माह पूर्व दिवंगत पारस नाथ माली और चिनियां मंडल में दो माह पहले दिवंगत रामसकल कोरवा के नाम से नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए। मामला सामने आने के बाद शिकायत के आधार पर वरीय नेताओं ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद आनन-फानन में सूची में संशोधन किया गया।
संशोधित सूची में दिवंगत नेताओं के नाम हटाकर रमकंडा मंडल से सोनू देवी और चिनियां मंडल से कपिल प्रसाद को मंडल प्रतिनिधि बनाया गया। हालांकि, इस प्रक्रिया में बरडीहा से संजय यादव, मझिआंव ग्रामीण से उमाशंकर यादव, मझिआंव नगर से पवन कुमार और वंशीधर नगर से अशोक सेठ के नाम भी सूची से हटा दिए गए, जिससे संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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गौरतलब है कि BJP में संगठन पर्व के तहत इन दिनों संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रतिनिधियों का चुनाव हो रहा है, जिसके बाद जिला अध्यक्षों का चुनाव प्रस्तावित है।
दिवंगत पारस नाथ माली के पुत्र अवधेश माली ने बताया कि उनके पिता का निधन अक्टूबर में ही हो चुका था और इसकी जानकारी पार्टी के स्थानीय नेताओं को भी थी। इसके बावजूद उनके नाम से मंडल प्रतिनिधि की घोषणा किया जाना आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि वे वर्षों से पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और यदि आवश्यकता थी तो उनके स्थान पर उन्हें प्रतिनिधि बनाया जाना चाहिए था।
वहीं, दिवंगत रामसकल कोरवा के पुत्र राजू कोरवा ने बताया कि उनके पिता का निधन 10 अप्रैल 2025 को हुआ था और उस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और पलामू सांसद बीडी राम भी उपस्थित थे। ऐसे में पिता के नाम से नियुक्ति की खबर सुनकर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह की चूक नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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