Dhanbad News: धनबाद में रिंग रोड जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक चली इस कार्रवाई में ACB की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर 16 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी और मुआवजा दिलाने के नाम पर दलाली करने वाले बिचौलिए शामिल बताए जा रहे हैं।
Dhanbad News: क्या है मामला?
दरअसल, इस मामले में साल 2015 में रमेश राही द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी। रिंग रोड निर्माण के लिए Dhanbad में बड़ी संख्या में रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन मुआवजा भुगतान के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई, जिससे सरकार को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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Dhanbad News: कई विभागों के अधिकारी ACB के रडार पर
यह मामला साल 2014 में उजागर हुआ था। पहले इसकी जांच निगरानी ब्यूरो को सौंपी गई और बाद में एंटी करप्शन ब्यूरो को।शुरुआती जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक समेत कई अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था। इस घोटाले की सबसे दुखद तस्वीर यह है कि न्याय की आस में अब तक छह से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, ACB की इस सख्त कार्रवाई के बाद पीड़ितों में अब इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है। ACB का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं
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