धनबाद: मनईटांड़ में 29 सितंबर की रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के दौरान इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक तरफ जहां सड़क हादसे में पान विक्रेता की मौत से पूरा इलाका शोक और आक्रोश में डूबा हुआ था, वहीं दूसरी ओर तस्करों ने मौके की अफरा-तफरी का फायदा उठाकर सरकारी अनाज की बड़ी चोरी को अंजाम दे दिया।
क्या है पूरा मामला? मेसर्स हरे राम रोडवेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राममोहन सिंह द्वारा धनसार थाना में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 29 सितंबर की रात करीब 11 बजे बरमसिया माल गोदाम से एफसीआई (FCI) का खाद्यान्न लादकर छह ट्रक निकले थे। मनईटांड़ शिव मंदिर के पास सबसे आगे चल रहे ट्रक की चपेट में आने से दुहाटांड़ निवासी एक पान विक्रेता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
अफरा-तफरी में तस्करों ने बुलाई अपनी गाड़ी आरोप है कि हादसे के बाद मचे बवाल और हंगामे का फायदा राजकुमार साव, मुन्ना ठाकुर, सुडिया यादव, राजेश यादव, रकी और उनके सहयोगियों ने उठाया। इन लोगों ने तुरंत अपना एक खाली ट्रक मौके पर मंगवाया और दुर्घटनाग्रस्त एफसीआई ट्रक में रखे लगभग 250 से 300 बोरा अनाज अपने वाहन में लोड कर फरार हो गए।
जांच में जुटी पुलिस, 5 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी में इस्तेमाल किया गया ट्रक आरोपी राजकुमार साव के नाम पर ही पंजीकृत है। धनसार थाना पुलिस ने राममोहन सिंह की शिकायत पर पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। एक ओर जहां परिजन और स्थानीय लोग हादसे में गई जान के गम में डूबे हैं, वहीं इस तरह हादसों की आड़ में हुई लूट ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












