धनबाद। झारखंड निकाय चुनाव 2026 की मतगणना शुरू होने से ठीक पहले धनबाद में हंगामे की स्थिति बन गई। राजकीय पॉलिटेक्निक स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर विभिन्न प्रत्याशियों के चुनाव अभिकर्ताओं को सुरक्षाकर्मियों ने अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद जमकर नारेबाजी हुई।
मतगणना की प्रक्रिया झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार शुरू होनी थी, लेकिन एंट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार मतगणना के लिए कुल 11 कमरे बनाए गए हैं। प्रत्याशियों का कहना था कि प्रत्येक कमरे में एक-एक अभिकर्ता को प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए।
हालांकि, काउंटिंग शुरू होने से ठीक पहले प्रशासन की ओर से केवल एक ही अभिकर्ता को अंदर जाने देने की बात कही गई। इस निर्णय के विरोध में अभिकर्ता मुख्य द्वार पर जुट गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार के अभिकर्ता बबलू बनर्जी ने आरोप लगाया कि अंतिम समय में नियमों का हवाला देकर अभिकर्ताओं की संख्या सीमित की जा रही है, जो पारदर्शिता के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि जब 11 कमरों में मतगणना होनी है, तो हर कमरे में अभिकर्ता की मौजूदगी जरूरी है, ताकि प्रक्रिया पर निगरानी बनी रहे।
प्रशासन से वार्ता के बाद समाधान
स्थिति की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक सह मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह मतगणना केंद्र पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की।
वार्ता के बाद मामला आंशिक रूप से सुलझा और छह अभिकर्ताओं को अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
भारी सुरक्षा के बीच काउंटिंग
- काउंटिंग सेंटर पर पुलिस बल की तैनाती
- मुख्य द्वार पर सख्त जांच
- सीमित प्रवेश व्यवस्था
- प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी
हालांकि मतगणना शुरू हो चुकी है, लेकिन इस घटनाक्रम ने धनबाद के चुनावी माहौल को गरमा दिया है।












