Jharkhand: झारखंड की राजनीति में छात्र शक्ति एक बार फिर निर्णायक होती दिख रही है। आजसू पार्टी के छात्र मोर्चे को मजबूती तब मिली जब झारखंड छात्र मोर्चा के दर्जनों सदस्यों ने आजसू छात्र संघ का दामन थाम लिया। इस मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
हेमंत सरकार संविधान की मूल भावना का कर रही अपमान: सुदेश महतो
मिलन समारोह के दौरान सुदेश महतो ने कहा, “हेमंत सरकार की प्राथमिकता शिक्षा नहीं, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ है। वह राज्यपाल के संवैधानिक अधिकारों पर हमला कर रही है, जो लोकतंत्र और संविधान का अपमान है।” उन्होंने कुलपति चयन प्रक्रिया को सरकार द्वारा नियंत्रित किए जाने को छात्रों के अधिकारों पर कुठाराघात बताया।
बेरोजगारी, नियुक्ति विफलता और झूठे वादों पर सरकार घिरी
सुदेश महतो ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और नियुक्ति प्रक्रिया की विफलता को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “राज्य में नौकरियां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। तीन महीने में शून्य खर्च हुआ है और कोई ठोस योजना अमल में नहीं लाई गई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय और नियोजन नीति के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
“झारखंड आजसू के संघर्ष से बना है”: प्रवीण प्रभाकर
इस मौके पर पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा, “आजसू पार्टी ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से वार्ता कर झारखंड को नाम दिलवाया। हम सिर्फ संगठन नहीं, विचार हैं।” उन्होंने छात्रों से जुड़कर सामाजिक न्याय और समृद्ध राज्य निर्माण की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।
छात्रों का व्यापक समर्थन, कई जिलों से जुड़े छात्र
झारखंड छात्र मोर्चा से आए प्रताप सिंह के नेतृत्व में रांची, बोकारो, देवघर, चतरा और गिरिडीह के छात्र आजसू में शामिल हुए। प्रमुख नामों में रांची से प्रताप सिंह, ऋषभ सिंह, राहुल पासवान, बोकारो से कार्तिक गुप्ता, देवघर से सचिन सिंह, चतरा से शुभम तिवारी और गिरिडीह से किशोर मंडल प्रमुख रहे।
प्रताप सिंह ने कहा, “आजसू कोई संगठन नहीं, बल्कि एक सोच है, जो झारखंड को सुनहरा भविष्य देने के लिए कार्य कर रही है।”
समारोह में प्रमुख नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर दीपक महतो, संजय मेहता, बसंत महतो, कुमुद वर्मा, परवाज खान, ज्योत्सना केरकेट्टा, ऋतुराज शाहदेव, मोहसिन खान और अभिषेक समेत कई नेता उपस्थित थे।












